सैदपुर। ग्राम सैदपुर से लगभग पांच किलोमीटर दूर सैदपुर और ग्राम बारचौन की सीमा को विभाजित करती जामनी नदी के किनारे भैंरों घाट पर बालू का अवैध खनन चल रहा है। इससे हर महीने लाखों रुपये राजस्व का नुकसान किया जा रहा है।
बालू और ईंट भट्ठा कारोबारी नदी किनारे की बालू/मिट्टी खोदकर नदी का स्वरूप बिगाड़ने में लगे हैं। नदी उफान पर होती है तो नदी के मुहानों की मिट्टी खुदी होने के कारण पानी से मिट्टी का कटाव तेजी से होता है, जिससे नदी का आकार बिगड़ रहा है। मिट्टी का कटान होने से नदी की गहराई कम होती जा रही है। इसका असर जलभराव पर पड़ रहा है। जामनी नदी में भैंरों घाट के पास लंबे समय से अवैध खनन का कारोबार चल रहा है। बरसात के मौसम से यह कारोबार जोर पकड़ लेता है, जो लगभग पांच महीने तक चलता है। कारोबारी सैकड़ों ट्राली बालू निकाल लेते हैं, जिसे रातोंरात ट्रैक्टर- ट्राली में भरकर आसपास के गांव में बेच देते हैं।
कुम्हैड़ी चौकी पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर भैंरों घाट से पास जामनी नदी पर छापामार कार्रवाई की थी, जिसमें बालू के कारोबारी तो नहीं मिले, लेकिन मौके से नदी किनारे लगे बालू के सोलह ढेर पकड़े गए थे, जिन्हें पुलिस ने कब्जे में ले लिया था।
जामनी नदी पर स्थित भैंरों घाट तक जाने के लिए ग्राम सैदपुर से कच्चा मार्ग है। बरसात में पूरे रास्ते में कीचड़ होने के कारण यह मार्ग बंद हो जाता है और छह महीने तक बंद रहता है। ग्राम बारचौन और पठा मार्ग चालू रहता है। मुख्य मार्ग से दूर होने के कारण नदी के इस घाट पर न तो पुलिस का आना- जाना होता है, न ही अधिकारियों का। इसका फायदा खनन कारोबारी उठाते हैं और बेखौफ होकर अवैध बालू का कारोबार करते हैं।
इंस्पेक्टर को मौके पर भेजकर कार्रवाई कराई जाएगी और जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- नवीन कुमार दास, क्षेत्रीय/ जिला खान अधिकारी