ललितपुर। विभिन्न संगठनों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजे, जिसमें समस्याओं के निराकरण की मांग की गई। ग्राम सिदंवाहा, बैरवारा, परसई, जमुनिया आदि गांवों को तहसील महरौनी से अलग कर पाली तहसील में जोड़े जाने का विरोध करते हुए ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। ज्ञापन में कहा गया कि उनके गांवों से तहसील महरौनी की दूरी सिर्फ पंद्रह किमी है, जबकि पाली तहसील की दूरी चालीस किमी से ज्यादा है। अत: उनके गांवों को फिर से महरौनी तहसील में जोड़ा जाए।
ज्ञापन पर महेंद्र यादव, कैलाश सेन, रामेश्वर चौबे, सुरेश कुशवाहा, विद्या यादव, राघवेंद्र यादव आदि के हस्ताक्षर हैं। इसी तरह भारतीय किसान यूनियन( भानु) ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में बताया कि किसानों की विभिन्न समस्याओं का निस्तारण करने, ग्रामीण क्षेत्रों में बने संपर्क मार्गों को सुधारने, कचनौंदा बांध एवं अन्य प्रस्तावित बांधों की परिधि में आने वाले पट्टेधारक किसानों को सर्किल रेट के अनुसार मुआवजा दिलाए जाने, शिक्षा मित्रों को पुन: समायोजित किए जाने, बीमा कंपनियों को किसान हित में नीतियां बनाने आदि की मांग की गई। ज्ञापन पर भूपेंद्र सिंह बुंदेला, राघवेंद्र सिंह सिसौदिया, सुरेंद्र बुंदेला, भरत चौहान, रामनरेश पाठक, लोकेंद्र सिंह लंबरदार, बलबंत सिंह, राजेंद्र सिंह आदि के हस्ताक्षर हैं।
ग्राम सेमरा भागनगर के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को भेज ज्ञापन में ग्राम सेमरा भागनगर और मजरा सेमरा बुजुर्ग में अपात्रों को इंदिरा आवासों बनवाए जाने की शिकायत की गई। इसमें बताया गया कि कुल 116 नए इंदिरा आवास बनाए गए हैं, जबकि शेष पुराने मकानों को नया दिखाकर पैसा निकाल लिया गया है। ग्रामीणों ने जांच कराए जाने की मांग की है। ज्ञापन पर सुनील, रामस्वरूप, फुवन, सादवा, मुन्नी आदि के हस्ताक्षर हैं। वहीं, सेमरा भागनगर के ग्रामीणों ने रबी की फसल का प्रीमियम काटे जाने के बाद भी अब तक बीमा राशि का भुगतान नहीं किए जाने की शिकायत की है। ग्रामीणों ने राहत राशि दिलाने की मांग की है। ज्ञापन पर मुलायम सिंह, मंगल सिंह, वृषभान सिंह, गोकुल प्रसाद, सोबरन सिंह, रणपीर सिंह, रामाबाई, शिवदयाल, मुन्ना पाल, विक्रम सिंह, देवकी, बचन सिंह आदि के हस्ताक्षर हैं।