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Lalitpur News: छूट का दायरा बढ़ने से खुलेगी उद्योगों की राह

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केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने श्वेत श्रेणी का दायरा बढ़ाया, 50 और कैटेगरी को किया शामिल
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने श्वेत श्रेणी (ह्वाइट कैटेगरी) के उद्योगों का दायरा 36 से बढ़ाकर 86 कर दिया है। इससे अब इस श्रेणी के उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। श्वेत श्रेणी में 50 नए उद्योगों के जोड़ने से उद्यमियों को अपनी नई यूनिटें स्थापित करने में आसानी होगी।
नए नियमों में उद्योगों को जल और वायु प्रदूषण नियंत्रण कानून के तहत अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने की अनिवार्यता से छूट दी गई है। मंत्रालय ने इसकी अधिसूचना जारी की है। इससे 50 और उद्योगों को लगाने का रास्ता आसान हो जाएगा। मंत्रालय ने जल (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम 1974 और वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1981 के तहत अधिसूचना जारी की है। इसमें श्वेत श्रेणी के उद्योगों की संशोधित सूची जारी की गई है। अब इस श्रेणी का उद्योग लगाने के लिए राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से सहमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी।
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इन उद्यम को मिलेगा लाभ
नए नियम से साबुन निर्माण, चाक निर्माण, डीजल पंप की मरम्मत, इंजीनियरिंग सेंटर, फर्नीचर निर्माण, स्टील फर्नीचर निर्माण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, मेडिकल ऑक्सीजन, हथकरघा, जूट के उत्पादों का निर्माण, चमड़े के जूते का निर्माण, जैविक खाद, पाउडर दूध की पैकिंग, डिजिटल थर्मामीटर निर्माण, सूती एवं ऊनी वस्त्र निर्माण, कृषि उत्पाद प्रसंस्करण, बकेरी, मवेशी आहार निर्माण, सीमेंट उत्पाद, तांबे एल्युमिनियम का तार निर्माण, धागा, डोरी और सूतली निर्माण, प्लास्टिक तार, पेंट और वार्निश मिश्रण निर्माण, छोटे पैमानों के रेस्तरां व होटल निर्माण, बर्तनों का निर्माण आदि व्यवसाय शामिल किए गए हैं।

जिले में कृषि उत्पादन का है बड़ा कारोबार
जिले में उड़द, मूंग, मसूर, मटर, चना की अधिक पैदावार होती है। इन्हें प्रसंस्कृत कर अन्य जनपदों में भेजा जाता है। इन दाल मिलों को लगाने के लिए अब रास्ता आसान होगा। वर्तमान में अभी यहां पर एक दर्जन से अधिक मिलें लगी हुई हैं।
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केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के नए नियम से जिले के लघु एवं सूक्ष्म उद्यमियों को काफी लाभ मिलेगा। अब उन्हें अपने उद्यम स्थापित के लिए प्रदूषण का अनापत्ति प्रमाणपत्र लेने की आवश्यकता नहीं होगी। - अतहर जमाल, उपायुक्त उद्योग
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