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बच्चों की शिक्षा में अभिभावकों की बढ़ेगी भागीदारी

Mon, 18 Jan 2016 01:03 AM IST
ब्यूरो
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ललितपुर। माध्यमिक विद्यालयों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने व शिक्षा में अभिभावकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अब जीरो इंवेस्टमेंट आइडिया शिक्षक व शिक्षिकाएं सीखेंगे। सोमवार से शिक्षकों को प्रशिक्षण देने की शुरुआत होगी।
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राजकीय, सहायता प्राप्त और वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं की कम उपस्थिति व बीच में शिक्षा छोड़ने की समस्या बनी हुई है। तमाम प्रयासों के बाद भी विभाग इससे निजात नहीं पा सका है। इस पर अरविंदो सोसायटी ने जीरो इंवेस्टमेंट पर आठ बिंदुओं को फोकस करने का फार्मूला तैयार किया है। इस सोसायटी के सदस्य जिले के शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।

इसकी शुरूआत 19 जनवरी से हो रही है। जिले के 954 शिक्षकों को जीआईसी के सभागार में एक दिवसीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। इस प्रशिक्षण को तीन घंटे में सीमित किया है। इस तरह प्रथम चरण में सुबह नौ बजे से दोपहर 12 बजे तक और द्वितीय चरण में दोपहर एक बजे से चार बजे तक प्रशिक्षण आयोजित होगा।
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इस संबंध में जिला विद्यालय निरीक्षक श्याम प्रकाश यादव ने विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को पत्र लिखकर अध्यापक व अध्यापिकाओं को प्रशिक्षण में प्रतिभाग कराने के निर्देश दिए हैं।

यह हैं आठ बिंदू
शिक्षकों के मोटीवेशन लेवल में सुधार, शिक्षण में मानवीय पक्ष, नामांकन में सुधार, ड्राप आउट दर कम करना, बच्चों की शिक्षा में अभिभावकों की भागीदारी, स्वयं सीखने का माहौल तैयार करना, स्कूल संबंधी बच्चों की आवश्यकताओं को जानना व बालिका शिक्षा पर फोकस किया गया है।

शिक्षकों को प्रशिक्षण के दौरान प्रभावी शिक्षण के टिप्स भी दिए जाएंगे। इसमें स्कूल की दीवार पर पढ़ने के लिए हिंदी वर्णमाला, गणित के शिक्षण में खेलों का इस्तेेमाल, अंग्रेजी के शिक्षण में फिल्म के गाने व बालिकाओं के नामांकन में प्रतिस्पर्धा के टिप्स शामिल हैं।

नहीं बदली तस्वीर
राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत हाईस्कूल व इंटरमीडिएट स्तर की शिक्षा में विस्तार करने के साथ शिक्षकों को विभिन्न विषयों में प्रशिक्षण प्रदान किए जाते हैं।

इसके बाद भी माध्यमिक शिक्षा में अपेक्षित सुधार नहीं हो सका है। यह विभाग के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। अब अरविंदो सोसायटी ने इस दिशा में कदम बढ़ाए हैं। प्रशिक्षण से कितना सुधार होता है यह तो भविष्य के गर्त में छिपा हुआ है।
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