ललितपुर। महिला आयोग की सदस्य सुषमा यादव ने माना कि देश भर में महिला उत्पीड़न की घटनाएं बढ़ी हैं। इन्हें रोकने के लिए कारगर कदम उठाने की जरूरत है। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने महिला उत्पीड़न को रोकने के लिए कई उपाय किए हैं। गैंगरेप के मामले में भी त्वरित कार्रवाई की गई है। उन्होंने झांसी गेस्ट हाउस हमले के दोषियों को पार्टी से बाहर करने की वकालत की है।
सिंचाई विभाग के रेस्ट हाउस में उन्होंने पत्रकार वार्ता करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी में कुछ ऐसे तत्व घुस आए हैं, जो महिलाओं को आगे बढ़ते नहीं देखना चाहते हैं। आरोप लगाया कि बीते दिनों राज्यसभा सांसद चंद्रपाल सिंह यादव व गरौठा विधायक दीपनारायण सिंह के इशारे पर उन पर जानलेवा हमला किया गया। प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस मामले को गंभीरता से लिया है। झांसी की इकाई तत्काल प्रभाव से भंग कर दी गई है।
मुख्यमंत्री व शीर्ष नेताओं ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। वर्तमान कार्रवाई से संतुष्ट होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि दोषियों को पार्टी से निष्कासित किया जाना चाहिए। यदि सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो आगामी चुनाव में पार्टी को नुकसान हो सकता है। इस घटनाक्रम से महिलाएं काफी भयभीत हैं। पार्टी के कई नेता दोनों नेताओं (सांसद व विधायक) से पीड़ित हैं।
महिला चिकित्सालय में जच्चा-बच्चा की मौत होने के मामले में निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है। इस मौके पर सपा नेत्री गीता मिश्रा, अतिरिक्त जिला सूचना अधिकारी केबी मिश्रा, जिला प्रोवेशन अधिकारी श्रवण कुमार गुप्ता व महिला थानाध्यक्ष प्रीति दीक्षित आदि उपस्थित रहे।