महरौनी-सिलावन। ब्लॉक क्षेत्र के कई परिषदीय विद्यालयों में नौनिहालों को हाथ धोने की आदत डलवाने के लिए बनवाए गए मल्टीपल हैंडवॉश शोपीस बनकर रह गए हैं। आलम यह है कि किसी विद्यालय में हाथ धोने के लिए बनी टंकियां के नल से टोंटी गायब है तो किसी में पानी का अभाव है, ऐसे में नौनिहालों के हाथों की धुलाई नहीं हो रही है।
रोगाणु कई बीमारी का कारण बनते हैं। अगर हम अपने हाथ साबुन और पानी से नहीं धोते हैं खासकर खांसने, छींकने, बाथरूम का उपयोग करने और खाना बनाने से पहले तो ये फैल सकते हैं। बीमारियों से बचने के प्रभावी और सस्ते तरीके के रूप में साबुन से हाथ धोने के महत्व को बताने के लिए 15 अक्तूबर को ग्लोबल हैंडवाशिंग डे के रूप में मनाया जाता है। परिषदीय विद्यालय में नौनिहालों को हाथ धोने की आदत डालने के लिए मल्टीपल हैंडवॉश टंकियाें का निर्माण कराया गया था, लेकिन ज्यादातर विद्यालयों में मल्टीपल हैंडवॉश नौनिहालों के हाथ धुलाने में अक्षम साबित हो रहे हैं।
प्राथमिक विद्यालय छपरट में कई महीनों से मोटर खराब होने से टंकी में पानी नहीं भर पा रहा है, जिसके चलते यह निष्प्रयोज्य बनी हुई है। वहीं टोटियां गायब हैं। यही हाल कंपोजिट पूर्व माध्यमिक विद्यालय समोगर का है। यहां टंकी तो बनी है, लेकिन नल गायब हैं। छपरट व समोगर के परिषदीय विद्यालय तो बानगी मात्र हैं, विकासखंड के ज्यादातर विद्यालयों में यही स्थिति है।
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यह है हाथ धोने का आसान तरीका
अपने हाथों को बहते पानी से गीला करें और एक तरल या साफ साबुन लगाएं। झाग बनाने के लिए अपने हाथों को आपस में रगड़ें। अपनी उंगलियां, हथेलियां, हाथ के पिछले हिस्से, कलाई और अपने नाखूनों के नीचे स्क्रब तब तक करें, जब तक साबुन का झाग खत्म न हो जाए। अपने हाथों को तौलिया से सुखाएं।
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विद्यालय में बच्चों के लिए मल्टीपल हैंडवॉश को दुरुस्त कराया जाएगा। टंकी को भरवाकर टोटियां लगवाई जाएंगी। केसरबाई, ग्राम प्रधान छपरट