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बजट के अभाव में विकास कार्य ठप 

Sun, 09 Oct 2016 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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nagar palika lalitpur news - फोटो : demo
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 नगर पालिका की आर्थिक तंगी के कारण शहर का विकास लगभग पूरी तरह से थम गया है। विगत करीब एक वर्ष से शहर के मुहल्ला व वार्डों में विकास कार्य प्रभावित हैं, इससे नगर पालिका जनप्रतिनिधियों का चुनावी वर्ष का हिसाब-किताब भी पूरी तरह से गड़बड़ा गया है। अब वार्ड पार्षदों को यह भय सताने लगा है कि उनके वार्डों में रुके विकास कार्यों के कारण कहीं जनता उनसे दूरी न बना ले। जनता के बीच अपनी अच्छी छवि बनाए रखने के लिए कई पार्षदों ने अपने पद से इस्तीफा देने तक का मन बना लिया है।      
वित्तीय वर्ष 2015-16 से नगर पालिका आज के समय तक आर्थिक तंगी से जूझ रही है। शासन ने माह फरवरी वर्ष 2015 से नगर पालिका में तैनात संविदा सफाई कर्मचारियों का मानदेय  3,600 रुपये से बढ़ाकर करीब पांच गुना 17 हजार रुपये से अधिक कर दिया है। वर्तमान में 222 सफाई कर्मी कार्यरत हैं जिन पर अब 38.42 लाख रुपये प्रतिमाह खर्च हो रहा है। नगर पालिका का खर्च तो बढ़ गया लेकिन शासन ने विभाग का बजट बढ़ाने के बदले बजट में कमी कर दी है। वर्ष 2014-15 में शासन से 21.68 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे, जिसमें वेतन व पेंशन व्यय 6.78 करोड़ रुपये व विकास खर्च 14.90 करोड़ रुपये थे। लेकिन वर्ष 2015-16 में वार्षिक बजट घटकर कुल 15.48 करोड़ रुपये मिला, इसमें वेतन व पेंशन व्यय में पूर्व से करीब दो गुना बढ़कर 10 करोड़ रुपये खर्च हुआ।
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 वर्तमान में नगर पालिका को शासन से प्रत्येक माह कुल 1.49 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए जाते हैं। इनमें से 1.10 करोड़ रुपये प्रत्येक माह स्थाई सफाई कर्मचारियों, विभागीय कर्मियों व अधिकारियों का वेतन, आउट सोर्सिंग कर्मचारियों संविदा सफाई कर्मचारियों का मानेदय, सफाई-वाहन आदि पर व्यय होते हैं। बजट में कमी व व्यय में बढ़ोत्तरी होने के कारण विभाग की यह में स्थिति पैदा हुई है। पिछले एक वर्ष से नगर पालिका की हालत यह है कि शहर में विकास कार्य लगभग पूरी तरह से ठप पड़े हुए हैं। शहर वासियों ने सड़क व नालियों के निर्माण की मांग करते-करते पूरा बरसात का मौसम कीचड़ व गंदगी के बीच निकाल दिया है, लेकिन स्थिति जस की तस बनी रही। शहर के विभिन्न मुहल्लों व वार्डों में रहने वाले लोगों द्वारा जिलाधिकारी व प्रशासन को शिकायती पत्र व ज्ञापन देकर सड़कों, नालियों व रिपटों के निर्माण की निरंतर मांग की जा रही है, लेकिन बजट के अभाव में बेबस नगर पालिका के अधिकारी व जनप्रतिनिधियों को परेशानियों से त्रस्त जनता का विरोध झेलना पड़ रहा है। 
यह वर्ष नगर पालिका का चुनावी वर्ष है। हमेशा की तरह वार्ड पार्षद अपने क्षेत्र के मुख्य विकास कार्यों को चुनावी वर्ष के लिए बचा कर रख लेते हैं, ताकि वह अंतिम दौर में ॅमुख्य विकास कार्यों को कराकर क्षेत्रीय जनता के दिमाग में अपनी ताजी-ताजी अच्छी छवि बना लें, जिसका फायदा उनको आगामी चुनाव के दौरान मिल सके। लेकिन बजट के अभाव ने चुनावी बजट का पूरा हिसाब-किताब बिगाड़ कर रख दिया है। अपने क्षेत्र में विकास कार्यों को कराने की बात तो दूर अब उन्हें अपनी साख बचाने पर बन आई है। हाल ही में आयोजित बोर्ड बैठक के दौरान वार्ड नंबर 02 के पार्षद ने इसी वजह से इस्तीफा दिया है, वहीं कुछ माह पूर्व वार्ड नंबर 06 के पार्षद विवेक दिरौनियां ने भी अपना इस्तीफा दिया था। कई पार्षद भी केवल अपनी अच्छी छवि बनाए रखने के लिए दीपावली के बाद इस्तीफा देने का मन बना रहे हैं।      

भुगतान नहीं, तो काम भी नहीं
बजट के अभाव शहर के दर्जनों विकास कार्य ऐसे हैं जिनका टेंडर तो हो गया है, लेकिन विभाग द्वारा ठेकेदार का भुगतान नहीं होने के कारण कोई भी ठेकेदार निर्माण कार्य नहीं कर रहा है। कुछ दिन पूर्व ही वार्ड नंबर 11 के पार्षद रामसेवक प्रजापति की शिकायत पर नगर पालिका ने एक ठेकेदार को नोटिस भेजकर निर्माण कार्य पूर्ण करने को कहा था जिस पर ठेकेदार ने भी विभाग को पत्र भेजकर यह जवाब मांगा था कि विभाग निर्माण कार्य का भुगतान किस दिनांक में करेगा, यह तय होने के बाद वह निर्माण कार्य शुरु कर देगा। लेकिन बजट नहीं होने के कारण विभागीय अधिकारी इसका कोई जबाव नहीं दे सके। यही स्थिति अन्य ठेकेदारों के साथ भी है। 

 
यह पार्षद हैं नाराज
वार्ड नंबर 02 के पार्षद केके पंथ ने बताया कि डेढ़ वर्ष से उनके वार्ड में कोई भी निर्माण कार्य नहीं हुए हैं। श्मशान घाट के पास वाले मार्ग के निर्माण कार्य का टेंडर जून वर्ष 2015 में हो चुका है, इसके बावजूद अभी तक निर्माण कार्य शुरु नहीं किया गया है। इन्हीं कारणों के चलते उन्होंने अपना इस्तीफा दे दिया है, लेकिन अभी इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया है। 
- वार्ड नंबर 05 के पार्षद प्रतिनिधि अमरदीप रजक ने बताया कि उनके क्षेत्र के भी मुख्य निर्माण कार्य अधर में ही रह गए हैं, इन कामों को उन्होंने चुनावी वर्ष के लिए बचा कर रखा था।  
- वार्ड नंबर 06 के पार्षद विवेद दरौनियां ने बताया कि उनके वार्डों की सड़क निर्माण का प्रस्ताव पास किया गया था, चार वर्ष से अधिक समय बीत गया है, लेकिन अब तक सड़कों का निर्माण नहीं हो पाया है। स्कूल, मंदिर व मस्जिद जाने वाले व क्षेत्र का मुख्य मार्ग की स्थिति काफी बुरी है, जिसका स्थानीय लोगों में काफी रोष है। वहीं करीब 250मीटर सीसी सड़क का टेंडर भी हो चुका है, लेकिन निर्माण कार्य शुरु नहीं किया गया है। इन्हीं करणों के चलते उन्होंने पूर्व में इस्तीफा दिया था अब वह फिर से इस्तीफा दे सकते हैं। 
- वार्ड नंबर 07 के पार्षद प्रतिनिधि श्रीराम रजक व वार्ड नंबर 11 के पार्षद रामसेवक प्रजापति, वार्ड नंबर 20 के पार्षद आशाराम कुशवाहा ने भी चुनावी बजट बिगड़ने व इस्तीफे देने का मन बनाने की बात कही  है।       
    
नपा अध्यक्ष ने की बजट की मांग      
नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने विभाग की आर्थिक तंगी को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री समेत प्रमुख सचिव, नगर विकास मंत्री व शासन से अतिरिक्त बजट की मांग की है। उन्होंने 17 जून को जनपद दौरे पर आए प्रदेश के तत्कालीन प्रमुख सचिव आलोक रंजन को ज्ञापन देकर विभागीय वार्षिक बजट में 6 करोड़ रुपये की अतिरिक्त मदद करने की मांग की थी, ताकि संविदा व आउट सोर्सिंग पर तैनात सफाई कर्मचारियों के मानदेय पर व्यय होने वाले अतिरिक्त खर्च की भरपाई हो सके। लेकिन, अभी तक इस दिशा में कोई संस्तुति प्राप्त नहीं हुई है। वहीं उन्होंने विगत 29 जून को जनपद दौरे पर आए नगर विकास मंत्री आजम खां को ज्ञापन देकर विकास कार्यों के लिए 20 करोड़ रुपए की मांग की थी। इसी तरह उन्होंने विगत 13 अगस्त को शहर की सड़कों व नालियों के निर्माण के लिए नगरीय सड़क सुधार योजना के तहत 4.85 करोड़ रुपए का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा है। लेकिन अभी तक शासन स्तर से कोई सुनवाई नहीं की जा रही है।ॉ
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अब सीमा विस्तार पर टिकी उम्मीद      
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नगर पालिका की सीमा विस्तार करने की घोषणा की थी। इसको लेकर शासन और नगर पालिका के बीच पत्राचार चल रहा है। सीमा विस्तार होने के बाद ही पालिका को अतिरिक्त बजट मिलेगा, जिससे विकास कार्यों का थमा पहिया चल पाएगा।
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