ललितपुर। जिले में जुलाई में वृहद पौधरोपण अभियान के तहत करीब 93 लाख पौधे रोपे गए थे। लेकिन पौधरोपण के बाद उनकी देखरेख की हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है। कहीं पौधे सूख रहे हैं तो कहीं रोपित किए जाने के बजाय पॉलिथीन में ही पड़े हैं। शहर के एलाईट मुक्तिधाम परिसर में सैकड़ों पौधे पॉलिथीन सहित बिखरे मिले, जबकि गोविंद सागर बांध की तलहटी में लगाए गए कुछ पौधे सूख गए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी पौधों की अनदेखी सामने आई है। सड़कोरा गांव में पौधे कचरे के ढेर में पड़े मिले, वहीं रनगांव क्षेत्र में पौधरोपण के लिए दिए गए पौधे करीब तीन माह बाद भी पॉलिथीन में रखे हैं। हैरानी की बात यह है कि इन स्थानों पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों का आना-जाना रहता है, इसके बावजूद पौधों की सुध नहीं ली गई। ऐसे में पौधरोपण अभियान के उद्देश्य और पौधों की देखभाल को लेकर सवाल उठ रहे हैं। पेश है पड़ताल की रिपोर्ट...
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मुक्तिधाम परिसर में पौधों की दुर्दशा
शहर के एलाईट चौराहा स्थित मुक्तिधाम परिसर की पड़ताल में सैकड़ों पौधे इधर-उधर बिखरे मिले। इनमें कुछ पौधे हरे थे, जबकि कई पूरी तरह सूख चुके थे। पौधरोपण के लिए लाए गए पौधों का जमीन में रोपित होने के बजाय परिसर में ही पड़ा रहना अभियान की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। पौधों को रोपित करने और उनकी देखभाल सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की थी, लेकिन मौके पर पौधों की स्थिति लापरवाही की ओर इशारा करती है।
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गोविंद सागर बांध की तलहटी में स्थिति बेहतर
गोविंद सागर बांध की तलहटी में पौधरोपण की स्थिति अन्य स्थानों की तुलना में बेहतर मिली। यहां राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ और सदर विधायक रामरतन कुशवाहा ने पौधे लगाए थे। पड़ताल के दौरान अधिकांश पौधे सुरक्षित अवस्था में मिले। हालांकि, कुछ पौधे ठीक ढंग से रोपित नहीं किए जाने के कारण सूख गए थे। इससे साफ है कि पौधरोपण के साथ ही सही तरीके से पौधे लगाना और उनकी नियमित देखभाल करना भी जरूरी है।
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सड़कोरा में कचरे के ढेर में मिले पौधे
सौजना। ग्राम पंचायत सड़कोरा में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने सरकारी विद्यालयों सहित सार्वजनिक स्थलों पर पौधरोपण किया था। पड़ताल के दौरान गांव में कई पौधे कचरे के ढेर में पड़े मिले। वहीं, रोपे गए पौधों में से कुछ ही जीवित बचे हैं। कई पौधे देखरेख के अभाव में सूख गए या इधर-उधर बिखरे मिले। इससे अभियान की सफलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्राम विकास अधिकारी विनीत दुबे ने बताया कि सूखे पौधों को नवंबर में दोबारा रोपित किया जाएगा। संवाद
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तीन माह से पॉलिथीन में पड़े हैं पौधे
रनगांव। ब्लॉक मुख्यालय स्थित साधन सहकारी समिति पारोल और मड़ावरा में पौधरोपण के लिए उपलब्ध कराए गए पौधे करीब तीन माह बाद भी पॉलिथीन में रखे मिले। इनमें कई पौधे सूख चुके हैं, जबकि कुछ अब भी हरे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पौधे लंबे समय से यहां रखे हुए हैं। आसपास के कुछ लोग इन्हें उठाकर भी ले गए हैं। इसके बावजूद संबंधित अधिकारियों का ध्यान इस ओर नहीं गया। पौधों को समय पर रोपित नहीं किया जाना अभियान के क्रियान्वयन और निगरानी पर सवाल खड़े करता है। संवाद
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पौधरोपण के लिए आवंटित पौधे किन स्थानों पर नहीं लगाए गए हैं, इस संबंध में संबंधित विभाग के अधिकारी से जानकारी ली जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सत्य प्रकाश, जिलाधिकारी
इलाईट मुक्ति धाम पर पड़े पौधे- फोटो : Videograb
इलाईट मुक्ति धाम पर पड़े पौधे- फोटो : Videograb
इलाईट मुक्ति धाम पर पड़े पौधे- फोटो : Videograb