फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lalitpur News: सर्पदंश में अस्पताल में कराएं इलाज, झाड़फूंक से जा सकती है जान

विज्ञापन
विज्ञापन
- वर्ष 2021 से अभी तक करीब 200 लोग हो चुके हैं शिकार
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में अगर पिछले पांच साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो करीब 200 लोग सर्पदंश के शिकार हो चुके हैं। साथ ही करीब 250 जानवरों को भी शिकार बनाया है। हालांकि प्रदेश सरकार ने सर्पदंश के मामलों को दैवी आपदा में शामिल कर लिया है। इसके लिए मृतक आश्रितों को चार लाख की धनराशि दी जाती है। पशु हानि पर अलग-अलग नस्ल के हिसाब से राहत राशि दी जाती है।
विज्ञापन

जिले में लगातार सर्पदंश के आंकड़ों में वृद्धि हो रही है। गर्मी के बाद जब बारिश का मौसम आता है, तो खरीफ की फसलों की खेती का कार्य शुरू हो जाता है। बारिश होने पर सर्प मैदान और खेत से निकलकर ऐसे स्थानों पर छिप जाते हैं, जहां पर पानी से बचाव हो सके। फिर वहां से गुजरने वाले लोगों से खतरा महसूस कर उन्हें डस लेते हैं। सांप के डसने पर लोग अस्पताल न जाकर अंधविश्वास में आकर पहले झाड़-फूंक कराने लगते हैं। सीएमओ डॉ इम्तियाज अहमद ने कहा कि सर्पदंश होने पर किसी भी तरह के अंधविश्वास में न पड़ें, सीधे नजदीकी सरकारी अस्पताल में पहुंचकर एंटी स्नेक वेनम इंजेक्शन लगवाएं। उन्होंने बताया कि सांप के दांत के नीचे विष की थैली होती है, जब सांप डसता है, तो विष लोगों के शरीर में चला जाता है। यह विष खून के माध्यम से पूरे शरीर में फैल जाता है। इससे पीड़ित को सांस लेने में दिक्कत आती है। समय से इलाज न मिलने पर जान भी जा सकती है।
विज्ञापन

-
जनपद में सर्पदंश के यह हैं वर्ष बार आंकड़े
वित्तीय वर्ष - सर्पदंश से जनहानि - सर्पदंश से पशुहानि
2021-22 - 41 - 28
2022-23 - 38 - 65
2023-24 - 41 - 65
2024-25 - 56 - 66
2025-26 - 20 - 34

सांप डसने पर यह करें
- 20 मिनट में जिस जगह सांप डसे, उसे गमछा या सूती कपड़े से बांध दें।
- शरीर में विष न फैल सके, इसलिए तत्काल पीड़ित को अस्पताल लाएं।
- मरीज को तनाव न होने दें, उसे शांत रखने की कोशिश करें।
- पीड़ित को जगाकर रखें, उसे सोने न दें।
- पीड़ित को सीधा लिटाकर रखें।

यह हैं लक्षण
सर्पदंश में व्यक्ति को बेहोशी आती है, डसने वाले स्थान पर पिन चुभोने के जैसे निशान दिखते हैं। कुछ देर में मुंह, नाक से झाग, खून आने लगता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें