ललितपुर। बालाबेहट क्षेत्र के आधा दर्जन गांवों में पिछले 20 दिनों से अजीब बीमारी का प्रकोप छाया हुआ है। इसके कारण दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग इस बीमारी की चपेट में बने हुए हैं। जिला अस्पताल में पिछले 20 दिनों से एक जैसी बीमारी के दर्जनों मरीजों के आने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग अंजान बना हुआ है।
ग्राम बालाबेहट, गिल्टौरा, सेमरा, पुरा, दांवर और बरौदिया गांवों में पिछले 20 दिनों से ग्रामीणों को सीने में दर्द, घबराहट और बेहोशी की शिकायत सामने आ रही हैं। ग्राम दांवर निवासी रूप सिंह यादव व गिल्टौरा निवासी भागीरथ पटेल की मौत हो चुकी है। वहीं, दर्जनों मरीज अपना इलाज जिला अस्पताल, मेडिकल कॉलेज झांसी व भोपाल में करा रहे हैं। जनपद के सबसे पिछड़े इलाकों में शुमार बालाबेहट क्षेत्र के गांवों में इस बीमारी के कारण ग्राम वासियों में दहशत का आलम है। इस क्षेत्र के दर्जनों गांवों के लिए इलाज का सहारा उप स्वास्थ्य केंद्र बालाबेहट है। उपस्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक नहीं होने के कारण मरीजों को सीधा जिला अस्पताल लाया जा रहा है। जिला अस्पताल में भी मरीजों को प्राथमिक उपचार ही दिया जा रहा है और झांसी रेफर कर दिया जा रहा है। एक जैसी बीमारी व एक ही क्षेत्र के मरीज बहुतायत में आने के बाद भी जिला अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई भी जांच करना मुनासिब नहीं समझा जा रहा है।
यह हैं बीमारी की चपेट में
अजीब बीमारी की चपेट में अभी तक दर्जनों लोग आ चुके हैं। इसमें ग्राम गिल्टौरा की रचना पटेल व सेमरा निवासी सत्यनारायण पटेल की पत्नी का इलाज झांसी में चल रहा है। ग्राम दांवर निवासी मुन्ना राजा, जयराम, ग्राम पुरा निवासी जगभान झां, रामकृष्ण यादव, ग्राम सेमरा निवासी राम सिंह, ग्राम गिल्टौरा निवासी अनिल रजक, दामोदर, विद्या, विजय सिंह, कैलाश यादव की पुत्री शामिल हैं। गिल्टौरा निवासी अशोक पटेल की पत्नी का इलाज भोपाल में चल रहा है।
बीमारी के लक्षण
- सीने में तेज दर्द
- घबराहट होना
- बहुत पसीना आना
- अर्द्ध बेहोशी के दौरे आना
जिला अस्पताल द्वारा ओर से इस तरह की बीमारी और मरीजों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। सीएमएस व अन्य चिकित्सकों से मरीजों की हालत व बीमारी के बारे में कंसल्ट कर मंगलवार को सबंधित गांवों में मेडिकल टीम भेजी जाएगी।
- डा. प्रताप सिंह
मुख्य चिकित्सा अधिकारी