ललितपुर। विकास भवन के सभागार में ग्लैंडर्स एवं फार्सी सर्विलियंस के अंतर्गत पशु चिकित्सा अधिकारी, पशुधन प्रसार अधिकारी एवं वेटेरनरी फार्मासिस्ट के जिलास्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में ग्लैंडर्स एवं फार्सी बीमारी के बारे में लोगों को जागरूक किया गया।
प्रशिक्षण का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार पांडेय ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप जलाकर एवं माल्यार्पण कर किया। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एस के शाक्य ने बताया कि ग्लैंडर्स एवं फार्सी एक बहुत ही पुरानी बीमारी है, यह एक सांसर्गिक (कंटेजियस) रोग है। जो 1892 में ग्रेट ब्रिटेन में 3000 से अधिक ग्लैंडर्स के केस पाए गए थे। वर्तमान समय में इस रोग का विश्व के अधिकतर देशों से उन्मूलन कर दिया गया है। अस्तबल एवं भट्टे पर काम करने वाले लोगों को इस रोग के संक्रमण का खतरा अधिक होता है। भारत में महाराष्ट्र एवं उत्तराखंड में इस रोग से ग्रसित घोड़े पाए गए हैं। इस रोग के जीवाणुओं के परीक्षण संबंधी लैब हिंसार में हैं। भारत में अब तक इस रोग से संक्रमित कोई व्यक्ति नहीं पाया गया है। लेकिन इसका खतरा बना रहता है। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं जागरूकता हेतु जनपद में निरंतर आयोजित होती रहनी चाहिए।
कार्यशाला में पशुधन प्रसार अधिकारी मिर्चवारा के सी निरंजन, पशु धन प्रसार अधिकारी बुढ़वार योगेश तिवारी, पशुधन प्रसार अधिकारी बिल्ला नीरज, पशुधन प्रसार अधिकारी गुढ़ा विनोद तिवारी आदि उपस्थित रहे।