सिलावन (ललितपुर)। तहसील महरौनी क्षेत्र में खनिज संपदा की खुली लूट हो रही है। करोड़ों रुपये के राजस्व की चपत खनन माफियाओं द्वारा लगाई जा रही है। यह लोग पुलिस कर्मियों से धक्का मुक्की करने से भी गुरेज नहीं करते हैं। अवैध खनन के चलते जहां पर्यावरण प्रभावित हो रहा है वहीं गरीब किसानों के खेतों में कटाव भी हो रहा है।
तहसील महरौनी में खनिज के अपार भंडार हैं। यहां बालू, मौरंग, ग्रेनाइट, इमारती पत्थर आदि अधिकाधिक मात्रा में है। माफिया की नजर इस समय बालू पर है। क्षेत्र से निकली जामनी नदी के धरारा, बंदरा घाट, नीम घाट, कुजान घाट, चौकी घाट, मिदरवाहा घाट सहित अन्य घाटों और सजनाम नदी के अनेक घाटों से बालू का अवैध खनन हो रहा है। सैकड़ों ट्रैक्टर ट्रालियां बालू आस पास के गांवों और नगर के बाजार में खुलेआम खपाई जा रही है। बालू से भरी ट्रैक्टर ट्रालियां किसानों के खेतों से होकर निकाली जा रही हैं जिससे उनके खेत खराब हो रहे हैं। कई बार किसान ऐसा करने से मना करते हैं तो खनन माफिया मारने पर उतारू हो जाते हैं। तहसील मुख्यालय के आस पास के कई गांवों में मौरंग की बड़ी बड़ी पहाड़िया हैं। खनन माफियाओं ने इतना अवैध खनन किया कि पहाड़ियां कई फुट गहरे गड्डों में तब्दील हो गई हैं। बड़ी संख्या में इमारती पत्थरों का भी खनन किया जा रहा है। ग्राम सभा की खाली पड़ी भूमि पर भी अवैध खनन हो रहा है।
पल- पल की रहती है जानकारी
अवैध खनिज परिवहन के दौरान माफियाओं को उच्चाधिकारियों के लोकेशन की पल-पल की जानकारी रहती है। ऐसा विभागीय कर्मचारियों की मिलीभगत से होता है।
अवैध खनन की सूचना मिलने पर कार्रवाई की जा रही है। खनन माफियाओं पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हरिश्चंद्र यादव उपजिलाधिकारी महरौनी