ललितपुर। जिला अस्पताल के वार्डों में पेयजल की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। जिसके चलते लगभग दो वर्ष से प्रथम व द्वितीय तल पर पेयजल की समस्या है। ऐसे में मरीजों और तीमारदारों को पानी के लिए अस्पताल के बाहर टंकियों से पानी भरना पड़ रहा है। वर्तमान में यह स्थिति है तो भीषण गर्मियों में पेयजल समस्या का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
जिला अस्पताल के वार्डों में भर्ती मरीजों को उपचार के साथ खाना की सुविधा दी जा रही है, लेकिन पानी नहीं है। जबकि, यहां तीन वाटर कूलर लगाए गए हैं। इनमें से एक ही काम कर रहा है। दो वाटर कूलर खराब पड़े हैं, लेकिन उन्हें सुधारा नहीं जा रहा है। प्रथम व द्वितीय तल पर भर्ती मरीजों और तीमारदारों को ठंडा पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। जिला अस्पताल में बुुजुर्ग वार्ड के पास में एक वाटर कूलर चल रहा है। अधिकांश मरीजों और तीमारदारों को जानकारी नहीं हो पाती है। इससे अधिकांश मरीजों को इसकी सुविधा नहीं मिल रही है।
इमरजेंसी और ओपीडी के समय पर उपचार के लिए आने वाले लोगों को पेयजल के संकट से जूझना पड़ रहा है। इतना ही नहीं, यहां पर भर्ती मरीजों व तीमारदारों को ठंडे पानी के लिए परेशानी हो रही है। ऐसे में तीमारदार अस्पताल परिसर के बाहर दूरी पर लगे हैंडपंप से पानी ला रहे हैं। अस्पताल में यह समस्या बीते दो वर्ष से है, जबकि यहां पर कई अधिकारी और मंत्री निरीक्षण कर चुके हैं, लेकिन यह समस्या जस की तस बनी हुई।
मरीज को उपचार के लिए भर्ती किया है, लेकिन वार्ड में पीने के पानी के लिए कोई सुविधा नहीं है। दिन में तो पानी लाने में परेशानी नहीं होती, लेकिन रात में पानी लाने में होती है।
- पप्पू अहिरवार
अस्पताल के तीसरे तल के वार्ड पर भर्ती मरीजों को खाना भले ही मिल रहा हो, लेकिन, पेयजल के लिए अधिक परेशान होना पड़ रहा है। पानी के लिए बाहर टंकियों तक जाना पड़ रहा है।
- रामानंद कौशिक
पानी के लिए पूर्व में तीन वाटर कूलर लगाए गए हैं। जो खराब पड़े हैं। जन प्रतिनिधियों को पत्र भेजकर सुविधा कराए जाने की मांग की है। शीघ्र ही पेयजल की सुविधा कराई जाएगी।
- डॉ. अमित चतुर्वेदी
प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधीक्षक
जिला अस्पताल पुरुष