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गंदगी से बजबजा रहा जिला अस्पताल

Sun, 21 Aug 2016 01:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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hospital, lalitpur news - फोटो : amar ujala, lalitpur news
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ललितपुर। अगर आप इलाज कराने जिला अस्पताल जा रहे हैं, तो सावधान हो जाइये। कहीं अस्पताल में फैली गंदगी आप को नई बीमारी न दे दे। जनपद में हो रही भारी बारिश के कारण वैसे ही चारों तरफ जलभराव की स्थिति बनी हुई है, वहीं जिला अस्पताल में सफाई व्यवस्था पूरी तरीके से ठप हो चुकी है। 
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जिला अस्पताल में जहां देखिए गंदगी का अंबार रहा है। दीवारों पर गुटकों की पीक रंगी हुई हैं, पीने के पानी के पास गंदगी पसरी हुई है। जहां- तहां मेडिकल वेस्ट पड़ा हुआ है, जिन्हें आवारा जानवर पूरे परिसर में फैला रहे हैं। लिफ्ट बंद पड़ी हुई है, वह केवल किसी वीआईपी के आने पर ही खुलती है। गंदगी का आलम यह है, कि अस्पताल परिसर से लेकर वार्डों तक गंदगी फैली हुई है। सफाई कर्मियों द्वारा केवल एक समय सफाई कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली जा रही है।

कई जगहों पर बिजली के तार खुले पड़े हुए हैं। बारिश के मौसम में यह खुले तार किसी हादसे की वजह बन सकते हैं। गंदगी का अंबार होने के कारण लोगों को अस्पताल परिसर में सांस लेने में भी परेशानी हो रही है।
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सफाई व्यवस्था हो गई ठप
जिला अस्पताल की सफाई व्यवस्था बारिश के मौसम में पूरी तरीके से ठप हो गई है। वार्डों से रोजाना निकलने वाले कचरे को अस्पताल परिसर में ही डंप कर दिया जा रहा है। बारिश के पानी से सड़ रहे कचरे से उठ रही सड़ांध के कारण मरीजों के साथ आए तीमारदारों को भी परेशान कर रही है। सबसे बड़ी लापरवाही अस्पताल से निकलने वाले मेडिकल वेस्ट के निस्तारण में बरती जा रही है। मेडिकल वेस्ट के ज्यादातर हिस्से को अस्पताल में ही फेंक दिया जाता है।

मोरचरी के पास बड़ी तादाद में मेडिकल वेस्ट पड़ा हुआ है। इस मेडिकल वेस्ट को आवारा जानवर पूरे में फैला देते हैं। मोरचरी के पास ही कई होटलें व दुकानें संचालित हो रही हैं। मेडिकल वेस्ट से इन होटलों व दुकानों के खाद्य पदार्थ भी दूषित हो रहे हैं। प्रसव कक्ष के बाहर भी गंदगी का ढेर लगा हुआ है, जो कि जच्चा बच्चा के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। 

बच्चा वार्ड में घूमते कुत्ते
प्रसव के बाद जच्चा व बच्चा को भर्ती कराने के लिए बने बच्चा वार्ड की सुरक्षा में जमकर लापरवाही बरती जा रही है। वार्ड में कभी आवारा कुत्ते घुस आते हैं। कुत्तों के वार्ड में घुसने से नवजात शिशुओं की जान को खतरा बना रहता है।

कई बार आवारा कुत्ते मरीजों के खाने की चीजों में मुंह मार देते हैं, जिससे काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। मरीजों व तीमारदारों का कहना है, कि नवजात शिशुओं के वार्ड में कुत्ते घुसना जिला महिला अस्पताल की व्यवस्था की पोल खोलता है। लोग बताते हैं, कि भगवान का शुक्र है, कि कभी कोई अनहोनी नहीं हुई। 
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