महरौनी (ललितपुर)। साहित्य भारती समिति के तत्वावधान में बसंत पंचमी के अवसर पर समाजसेवी अमर सिंह सिकरवार की स्मृति में क्षेत्रीय प्रतिभाओं का सम्मान किया गया। इस दौरान अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में कवियों ने एक से बढ़कर एक रचनाएं प्रस्तुत कीं।
सद्भावना मंच पर आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि साजन ग्वालियरी ने की। मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री रतनलाल अहिरवार और विशिष्ट अतिथि नगर पंचायत के अधिशाषी अधिकारी केएन शर्मा, नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि धीरज सिंह सिकरवार, जिला पंचायत सदस्य चंद्रशेखर खरे और पूर्व ब्लाक प्रमुख मडावरा गौरीशंकर सोनी रहे।
सीओ पद पर चयनित नईम खां मंसूरी, मेधावी छात्र कौस्तुभ निरंजन, एथलीट छात्रा राजेश राजा, कवि प्रभुदयाल पटैरिया और उन्नतशील कृषक केहर को अतिथियों द्वारा शाल व श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया।
कवि सम्मेलन का आगाज चेतना शर्मा आगरा ने सरस्वती वंदना से किया। ग्वालियर से आए कवि नवल ने मुझे भूल ना जाना ये जान तुम्हारी है.. पढ़कर समां बांध दिया। कुलदीप रंगीला देवास ने जो सरकार राम की नहीं हुई वह रामदेव की क्या होगी... , कवयत्री सलोनी राणा आगरा ने मुझे सदा चिंता रहती है अपने मान की मैं बेटी हिंदुस्तान की..., नगर के बुंदेली कवि लोकेंद्र तिवारी ने बुंदेलखंड की जा धरा डोलत है,
जब वीर युद्ध भूमि में जात है... ,चेतना शर्मा आगरा ने बिना मौत ही मर रहा है रंगीन बुढ़ापा...,राजवीर क्रांति धौलपुर ने ग्वालियर से आए साजन... आदि कविताएं प्रस्तुत कर उपस्थित जनसमूह को आनंदित किया। नगर के युवा कवि कृष्णकांत तिवारी, रवि खरे, संजय शुक्ला विद्रोही और सीताराम साहू ने भी काव्य पाठ किया।
संचालन विकास गोखल और सम्मान समारोह का संचालन रवि खरे ने कि। समिति के संरक्षक बाबूलाल द्विवेदी ने आभार व्यक्त किया।
इस मौके पर ठा.रूप सिंह, हलकरन चंचल, सुखनंदन तिवारी, रामेश्वर रिछारिया, सीताराम साहू ,देवेंद्र चंचल, दीपक तिवारी, अंकित तिवारी, महिपाल सिंह, कैलाशनारायण सिसौदिया, राजेश तिवारी, सुखपाल सिंह ,गोलू शुक्ला, मुकुट बिहारी रिछारिया, रामेश्वर सोनी आदि का सहयोग रहा।