तालबेहट। मंगलवार की सुबह कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सभा खांदी के मजरा करीला में संदिग्ध हालात में पति-पत्नी का शव खेत के बीच बने खपरैल में मिला। युवक साड़ी से बने फांसी के फंदे पर लटका हुआ था जबकि उसकी पत्नी चारपाई पर पड़ी थी, उसका गला दूसरी साड़ी के फंदे से कसा हुआ था। उनकी डेढ़ साल की बच्ची के रोने की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे तो उन्होंने पुलिस को सूचना दी। उधर, मृतका के पिता ने दहेज की मांग के चलते ससुराल की एक महिला सहित चार लोगों पर बेटी और दामाद की हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस अधीक्षक को तहरीर दी है। जबकि परिवारवाले आर्थिक तंगी और गरीबी के चलते आत्मघाती कदम उठाने की बात कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर घटना के बारे में परिजनों एवं आसपास के लोगों से जानकारी ली। लेकिन स्थानीय लोग खुलकर कुछ नहीं बता रहे हैं। पुलिस भी आर्थिक तंगी के चलते उठाए कदम को प्रथम दृष्टया सही नहीं मान रही है। बताया जा रहा पारिवारिक स्थिति ठीक नहीं है।
कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम सभा खांदी के मजरा करीला निवासी बाबूलाल उर्फ मलय के तीसरे नंबर के पुत्र लवकुश (22) की शादी कोतवाली ललितपुर के ग्राम जैरवारा निवासी कल्यान की पुत्री सीमा (20) से लगभग चार वर्ष पहले हुई थी। लवकुश पिता से अलग रहकर बेलदारी का काम करता था। लेकिन कोरोना काल में काम नहीं मिल रहा था। दंपती के एक 3 वर्षीय पुत्र संस्कार और एक डेढ़ वर्ष की बेटी पूर्वी है। दिवाली पर संस्कार अपने मामा के यहां जैरवारा गया था।
रोज की तरह सोमवार की रात भी पति-पत्नी डेढ़ वर्ष की बच्ची पूर्वी के साथ खेत में बने अपने खपरैल (मकान) में सोने गए थे। सुबह आठ बजे के लगभग जब परिजनों ने बच्ची पूर्वी के रोने की आवाज सुनी तो वह मौके पर गए। वहां खपरैल के अंदर का नजारा देखकर उनकी चीख निकल गई। लवकुश का शव साड़ी के फंदे के सहारे लटका हुआ था। जबकि सीमा चारपाई पर पड़ी थी, उसके गले में साड़ी का फंदा कसा था।
परिजनों के रोने की आवाज सुन कर आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। परिजनों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। अपर पुलिस अधीक्षक डॉ. बृजेश कुमार सिंह, उपजिलाधिकारी अनिल कुमार, पुलिस क्षेत्राधिकारी देवेन्द्र कुमार आदि पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों ने घटना के बारे में ग्रामीणों और परिजनों से जानकारी ली। लेकिन कोई खुलकर कुछ नहीं बोला। मृतक के भाई भागीरथ ने बताया कि लवकुश ने कभी अपनी परेशानी के बारे में हम लोगों को नहीं बताया। लेकिन कोरोना काल में काम न मिलने से वह से कुछ परेशान था। शायद इसी की वजह से उसने आत्मघाती कदम उठाया हो। दोनों शवों का पोस्टमार्टम बुधवार को कराया जाएगा।
उधर, मृतका सीमा के पिता कल्लू पुत्र टूंडे कुशवाहा निवासी ग्राम जैरवारा थाना जखौरा ने पुलिस अधीक्षक के नाम दिए अपने एक शिकायत पत्र में दहेज की मांग के चलते सुसराल पक्ष की एक महिला सहित चार लोगों पर उसकी पुत्री और पुत्री का पक्ष लेने के कारण दामाद की हत्या का आरोप लगाया है। उसने आरोपियों पर कार्रवाई करने की मांग की है।
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आत्महत्या करने की बात समझ में नहीं आ रही
आर्थिक तंगी के चलते आत्महत्या करने की बात समझ में नहीं आ रही है। परिजनों एवं आसपास के लोगों ने इस तरह की कोई बात नहीं बताई। मामला समझ में नहीं आ रहा है। जांच चल रही है। महिला के मुंह से झाग आ रहा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
अनिल कुमार, उपजिलाधिकारी तालबेहट
भाई दोज पर बहनें करती रहीं लवकुश का इंतजार
तालबेहट। मृतक लवकुश के पिता बाबूलाल उर्फ मलय के पांच पुत्र और सात पुत्रियां है। छह पुत्रियों एवं तीन पुत्रों की शादी हो चुकी है। अभी दो पुत्र और एक पुत्री की शादी होना है। पुत्रियां अपनी सुसराल में रहती है जबकि तीनों पुत्र पिता से मिली जमीन पर अपनी खेती एवं मजदूरी करके अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। इस भाई दोज पर बहन पानकुवर और उमा अपनी सुसराल बैसलीन मध्य प्रदेश से अपने भाइयों को तिलक लगाने अपने मायके करीला खांदी आई थीं। सोमवार को वह रात तक अपने भाई लवकुश के आने का इंतजार करती रहीं। लेकिन देर रात तक जब वह नहीं आया तो दोनों सो गईं। सुबह जब पूर्वी के रोने की आवाज सुनकर मौके पर परिजन गए। भाई और भाभी की मौत की खबर सुन कर दोनों बहनें बेसुध हो गईं।
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कौन करेगा मासूम पूर्वी और संस्कार की देखभाल
युवा दंपती की मौत के बाद अब परिवार के सामने डेढ़ वर्ष की मासूम पूर्वी और तीन वर्ष के संस्कार की परवरिश की समस्या खड़ी हो गई है। मासूमों को अब कौन खाने को देगा। मासूम पूर्वी सुबह भूखी होने के कारण अपने माता-पिता के शव के पास बिलख रही थी, यह देख हर किसी की आंखें नम हो गईं।
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न राशन कार्ड था और न आवास योजना का लाभ
सरकार गरीबों के उत्थान के लिए कितनी ही योजनाएं चला ले जब तक उनका वास्तविक रूप से क्रियान्वयन नहीं होगा, तब तक गरीबों को इसका लाभ नहीं मिलेगा। मृतक दंपती की स्थिति भी ऐसी है नजर आई। उन्हें किसी योजना का कोई लाभ नहीं मिला। उनके पास रहने के लिए पक्का मकान तक नहीं था और न ही राशन कार्ड था। बताया गया है कि वर्ष 2016 -17 में प्रधानमंत्री आवास के लिए उसने अपना आवेेदन भेजा था। जो स्वीकृत भी हो गया था। उसका नाम भी आवास सूची में प्रस्तावित है लेकिन विकास खंड कार्यालय के बार-बार चक्कर लगाने के बावजूद उसे आवास का पैसा नहीं मिल सका।
कैप्सन - मृतक दम्पति की बच्ची पूर्वी- फोटो : TALDEHATE
कैप्सन - मौके पर मौजूद अधिकारी एवं ग्रामीण- फोटो : TALDEHATE
कैप्सन - मौके पर मौजूद अधिकारी एवं ग्रामीण- फोटो : TALDEHATE
कैप्सन - मौके पर मौजूद अधिकारी एवं ग्रामीण- फोटो : TALDEHATE
कैप्सन - मृतक लवकुश की फाइल फोटो- फोटो : TALDEHATE
कैप्सन - मृतक सीमा की फाइल फोटो- फोटो : TALDEHATE