संवाद न्यूज एजेंसी
तालबेहट। भीषण गर्मी में वार्ड नंबर पांच अंजनी नगर के बाशिंदे बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। आधा दर्जन से अधिक परिवारों ने सीमावर्ती अपने गांवों को पलायन कर दिया है। चोरों के भय के चलते कई परिवारों में केवल मुखिया घर में रह रहे हैं।
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के पीछे वार्ड नंबर पांच है। यहां अधिकांश बाहर से आए हुए लोग रहते हैं। इस वार्ड में चार हैंडपंप लगे हैं। सुरेंद्र तिवारी के मकान के पास लगे हैंडपंप का पानी कम हो गया है और शैलेंद्र पारिया के मकान और मामू के मकान के पास लगे हैंडपंप दो सप्ताह से खराब हैं। अंजनी मंदिर के पास लगा हैंडपंप ही काम चलाऊ पानी दे रहा है। वार्ड में पानी की आपूर्ति के लिए दिन में एक-दो टैंकर ही आ रहे हैं, जो इतनी आबादी के लिए नाकाफी साबित हो रहे हैं।
11 साल पहले पड़ी पाइप लाइन हो गई कंडम
अंजनीनगर ऊंचाई वाले इलाके में बसा है। इस वजह से करीब 11 साल पहले डाली गई पाइप लाइन से पानी नहीं मिल रहा था। मोहल्ले के लोग हैंडपंपों से पानी भरते थे, लेकिन अब हैंडपंप भी खराब होने से उन्हें परेशानी हो रही है। नगर की टंकी से करीब 300 मीटर की दूरी पर बसे इस वार्ड में पाइप लाइन से पानी छोड़ा जाता है, लेकिन जर्जर लाइन होने से रास्ते में ही बह जाता है। अब दो दिन में एक टैंकर भेजा जा रहा है, लेकिन यह ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है।
ये लोग परिवार सहित कर गए पलायन: मोहल्ले में रहने वाले करेंगा निवासी गौरव पुरोहित, सुरेंद्र तिवारी, अमर सिंह एवनी, गुणसागर राजपूत नत्थीखेड़ा, रेखाराम राजपूत नत्थीखेड़ा, करेंगा निवासी पंकज गगेले, अंगद राजा बधौरा पानी की कमी के चलते अपने गांव चले गए हैं।
मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर मांगा पानी
तालबेहट। पानी की भीषण समस्या से तंग वार्ड पांच के लोगों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेज कर समस्या के निदान की गुहार लगाई है। ज्ञापन में बताया कि जल संस्थान द्वारा उनके वार्ड में पेयजल की कोई व्यवस्था नहीं की जा रही है। वार्ड में लगे हुए सभी हैंडपंप खराब हैं। जल संस्थान की लाइनों से पानी की सप्लाई नहीं की जा रही है। हैंडपंप नहीं सुधारे जा रहे हैं। हर बार सामान न होने का बहाना बना दिया जाता है। जनता बूंद-बूंद पानी को तरस रही है। एक दो किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है या स्वयं के खर्चे पर टैंकर मंगवाना पड़ रहा है। शिकायती पत्र पर सभासद राजेश झा, अनिल निषाद, गुनसागर, भज्जू, राजेंद्र, हरीसिंह, दशरथ, सौरभ आदि के हस्ताक्षर थे।