जिले के तीन आयुर्वेदिक अस्पतालों को जल्द ही भवन उपलब्ध होंगे। विभागीय अधिकारियों ने जिला योजना में भवन के लिए धनराशि की मांग की है। इससे आने वाले समय में मरीजों की सुविधाओं में विस्तार हो सकेगा।
जनपद में संचालित आयुर्वेदिक अस्पतालों को बढ़वा देने के लिए आयुर्वेद विभाग द्वारा दो आयुर्वेदिक व एक यूनानी अस्पताल के भवन के लिए जिला योजना में भेजा है। इनमें भैलौनी सूबा, लागौन के आयुर्वेदिक अस्पताल व नाराहट में संचालित यूनानी चिकित्सालय हैं। इन्हें स्वीकृति मिलने व बजट मिलने पर भवनों का निर्माण कराया जाएगा। वर्तमान में तीनों अस्पताल किराए के भवनों में संचालित हो रहे हैं। भवनों के अभाव में मरीजों को बेहतर सुविधाएं नहीं दे पा रहे हैं। इसको लेकर विभाग ने जिला योजना में प्रस्ताव भेजा है। आयुर्वेदिक अस्पताल का एक भवन 14 लाख रुपये की लागत से निर्माण किया जाएगा। नए भवन के होने से मरीजों को आधुनिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। जनपद में 32 आयुर्वेदिक अस्पताल व दो यूनानी चिकित्सालय चल रहे हैं। इनमें अधिकतर अस्पताल किराए के भवनों में संचालित हो रहे हैं। इनमें नौ आयुर्वेदिक अस्पताल व एक यूनानी चिकित्सालय को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में शिफ्ट किया जा रहा है। साथ ही तीनों अस्पतालों के भवनों के निर्माण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसको लेकर विभाग लगातार पिछले तीन वर्षों से वित्तीय वर्षों से मांग कर रहा है। इसकी स्वीकृति होने पर कार्य प्रारंभ किया जाएगा।
एक अस्पताल की है मांग
लोगों को आयुर्वेदिक अस्पताल की सुविधाओं का लाभ देने के लिए विभाग ने एक आयुर्वेदिक अस्पताल खाले जाने की मांग की है। विकासखंड जखौरा में एक आयुर्वेदिक अस्पताल खोले जाने के लिए जिला योजना में प्रस्ताव भेजा है। इसकी स्वीकृति मिलने पर इस पर कार्य को प्रारंभ किया जाएगा।
वित्तीय तीन वर्षों से कर रहे हैं मांग
भवनों की मांग को लेकर लगातर वित्तीय वर्ष में जिला योजना में भवनों के निर्माण को धनराशि की मांग की जा रही है। लेकिन, शासन से स्वीकृति न मिलने के कारण भवनों का निर्माण नहीं हो पा रहा है। साथ ही भवनों के निर्माण के लिए जमीनें भी चिहिंत नहीं हो पाई हैं, जहां दान स्वरूप व विभाग के नाम होने पर विभाग अलग से शासन को भवन निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा।
- नारायण दास, जिला आयुर्वेदिक व यूनानी अधिकारी