फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मानदेय पाने वाले कर्मी पंचायत में नहीं बन सकेंगे उम्मीदवार

विज्ञापन
voter id.jpg - फोटो : voter id.jpg
विज्ञापन
ललितपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, शिक्षामित्र, किसान मित्र, रोजगार सेवक, उम्मीदवार नहीं बन सकेंगे। हालांकि कुछ ने इसका तोड़ निकालते हुए अपने परिजनों को चुनावी मैदान में उतारने का मन बना लिया है। जिले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का बिगुल बज चुका है। इस क्रम में सात अप्रैल को नामांकन पत्र दाखिल किए जाने हैं। इस चुनाव में हर कोई उम्मीदवार बनने के लिए आतुर है। निर्वाचन आयोग ने विभिन्न विभागों में मानदेय पर कार्यरत कर्मियों के चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी है। इसमें उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1947 की धारा 5 क, उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम 1961 की धारा 13 क का हवाला दिया गया है। इस आधार पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, आशा कार्यकर्ता, किसान मित्र, शिक्षा मित्र, ग्राम रोजगार सेवक आदि पंचायत चुनाव में उम्मीदवार नहीं हो सकते हैं। कुछ मानदेय कर्मियों ने स्वयं की जगह अपने परिजनों को चुनाव में उतारने की योजना बनाई है।
विज्ञापन

किन्नर इच्छानुसार कर सकेंगे नामांकन
उच्चतम न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अनुसार, त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में किन्नर अपनी इच्छानुसार पुरुष या महिला की श्रेणी में नामांकन कर सकता है।
तो नहीं मिलेगा आरक्षण का लाभ
अनारक्षित वर्ग में पैदा हुई महिला अनारक्षित वर्ग में ही रहेगी। आरक्षित वर्ग, अनुसूचित जाति, जन जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग के पुरुष से विवाह कर लेने या आरक्षित वर्ग द्वारा गोद लेने से उसे आरक्षण का लाभ प्राप्त नहीं होगा। आरक्षित वर्ग में पैदा हुई महिला अनारक्षित वर्ग के पुरुष से विवाह कर लेने या अनारक्षित वर्ग द्वारा गोद लिए जाने पर जिस आरक्षित वर्ग में उत्पन्न हुई है, उसे आरक्षित वर्ग के आरक्षण का लाभ मिलेगा। आपत्तियों के निस्तारण के पश्चात यदि नामांकन पत्र अस्वीकार करने का निर्णय हो तो उसके कारणों का संक्षिप्त विवरण भी लिखा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें