मसौराकलां में प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार को विकास कार्यों के निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आई हैं। एक मामले में बिना जमीन के ही कागजों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास बना दिया गया और पैसा भी महिला के खाते में पहुंचा दिए गए। लाभार्थी महिला द्वारा खुद ही इस हकीकत से प्रमुख सचिव को अवगत करा दिया, जिससे संबंधित अधिकारी बगलें झांकने लगे और इस मामले में कोई भी संतोष जनक जवाब नहीं दे सके। प्रमुख सचिव ने यहां शासन द्वारा संचालित कई विकास योजनाओं की हकीकत परखी और ग्रामीणों से समस्याओं को जाना।
प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार ने शनिवार को ब्लॉक जखौरा अंतर्गत ग्राम मसौराकलां में शासन द्वारा संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की हकीकत जानने के लिए निरीक्षण किया और चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनी। शनिवार की सुबह करीब साढ़े नौ बजे प्रमुख सचिव ग्राम मसौराकलां पहुंचे। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, ओडीएफ के तहत बनाए जा रहे शौचालय, नाली निर्माण आदि विभिन्न विकास योजनाओं के कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए जा रहे निर्माणाधीन और पूर्ण हो चुके आवासों का निरीक्षण किया और मौके पर ही आवासों के मानक की जांच कराई। उन्होंने बताया कि 56 आवास स्वीकृत हैं, जिनमें मात्र दो आवास ही पूर्ण हैं, बाकी का कार्य जारी है। उन्होंने अंगूरी का आवास भी देखा, जो अपूर्ण पाया गया। आवासों की लंबाई चौड़ाई की भी नपाई कराई। लाभार्थियों को बुलाकर उन्होंने अधिकारियों की कार्यप्रणाली की जानकारी भी ली। प्रमुख सचिव ने मौके पर उपस्थित श्रमिकों से उनको दी जाने वाली मजदूरी के बारे में पूछा, इस पर भुगतान न मिलने की बात सामने आयी। गांव में एक लाभार्थी का शौचालय का कार्य तो पूरा पाया गया, लेकिन यहां लाभार्थी को एक किस्त नहीं मिलने की बात बताई गई। अधिकारियों ने शीघ्र ही उक्त लाभार्थी को बकाया किस्त का रुपया देने की बात कही। इस पर उन्होंने लाभार्थी से अवैध वसूली के बारे में भी पूछताछ की, हालांकि इस बारे में ग्रामीण लाभार्थियों कुछ नहीं कहा। गांव में ही बनाई जा रही साढ़े चार लाख रुपये से नाली निर्माण कराया गया था, इसके निरीक्षण के दौरान उक्त नाली में कई जगह दरारें मिलीं, इस पर उन्होंने गुणवत्ता खराब होने पर नाराजगी जताई और उक्त नाली निर्माण को सही कराए जाने के निर्देश दिए।
गांव में निरीक्षण के बाद प्राईमरी विद्यालय में पहुंचे और यहां उन्होंने जनचौपाल भी लगाई। जनचौपाल में पहुंचते ही उन्होंने ग्रामीणों से एक-एक कर विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याओं को जाना। हालांकि यहां ग्रामीणों ने कई मामलों में स्कूल में स्वेटर वितरण, कोटेदार की दुकान से खाद्यान्न वितरण में संतुष्टि जताई। उन्होंने ग्राम प्रधान सहित ग्राम पंचायत सेक्रेटरी, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बुलाकर योजनाओं के बारे में पूछताछ की और ग्रामीणों से क्रॉस जानकारी भी जुटाई। वृद्धावस्था पेंशन योजना में कई वृद्ध महिला व पुरुषों ने उनके नाम ही सूची में नहीं होने की बात बताई, जबकि सत्यापन हो चुका है। इस पर प्रमुख सचिव ने अधिकारियों को उनके बारे में सही सत्यापन कर योजना का लाभ दिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद चौपाल में एक महिला यशोदा पत्नी कैलाश द्वारा प्रमुख सचिव के पास पहुंचकर आवास योजना में आवास के लिए खाते में चालीस हजार रुपये पहुंचने की बात बताई, लेकिन आवास को जमीन उपलब्ध नहीं होना बताया। इस पर उन्होंने उक्त आवास योजना की सूची देखी, तो उसमें उक्त महिला लाभार्थी के घर की छत भी बना देना दर्शाया गया। उन्होंने ग्राम प्रधान सहित अन्य संबंधित अधिकारियों से इस मामले में जानकारी मांगी, जिसमें यह भी सामने आया कि उक्त लाभार्थी के लिए तो 1.20 लाख रुपये भी आवंटित कर दिए गए हैं। इस पर उन्होंने इस मामले को गंभीर प्रकृति का मामला बताते हुए स्पष्टीकरण मांगा। हालांकि इसी दौरान महिला लाभार्थी को चुप कराने का प्रयास भी किया गया और उसके भाई द्वारा महिला को पागल तक कह दिया। इस पर प्रमुख सचिव ने लाभार्थी महिला के भाई को वहां से हटवाया और महिला से पूरी बात सुनी। यह मामला पूरी चौपाल में चर्चा का विषय बना रहा। चौपाल के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक एके विजेता, अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह, उप जिलाधिकारी सदर महेश प्रसाद दीक्षित, परियोजना निदेशक डीआरडीए बलिराम वर्मा, उप निदेशक कृषि प्रसार संतोष कुमार सविता, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी जेएस बक्शी, बीडीओ जखौरा ज्योतिरानी कौशिक, अतिरिक्त जिला सूचना अधिकारी केबी मिश्र, ग्राम प्रधान मनीषा तिवारी आदि उपस्थित रहे।
पेयजल समस्या की पूरे गांव ने की शिकायत, हैंडपंप भी खराब
प्रमुख सचिव ऊर्जा द्वारा मसौराकलां में लगाई जाने वाली जनचौपाल में ग्रामीणों ने पेयजल समस्या की शिकायत की। ग्रामीणों ने यहां एक ज्ञापन देकर बताया कि गांव में कुल 39 हैंडपंप हैं, जिनमें बीस हैंडपंप में ही पानी आ रहा है, लेकिन इनमें भी कुछ हैंडपंप में कम पानी आ रहा है। जबकि गर्मियों के दिनों में यहां पेयजल की समस्या गहरा जाती है। शिकायत पर विभागीय अधिकारियों ने यहां पेयजल संकट की समस्या से निपटने के लिए टैंकर से पानी आपूर्ति करने की बात बताई।
प्रधानमंत्री आवास योजना में किसी को नहीं मिला गैस कनेक्शन
प्रमुख सचिव ने यह भी जानकारी ली कि प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत लाभार्थी को निशुल्क विद्युत कनेक्शन एवं गैस कनेक्शन दिया जा रहा है या नहीं, इस पर बताया गया कि किसी भी लाभार्थी को न तो विद्युत कनेक्शन और न ही गैस कनेक्शन दिया गया है। इस पर प्रमुख सचिव ने संबंधित अधिकारियों को शीघ्र कार्यवाही के निर्देश दिये।