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Lalitpur News: काल बनकर छतों पर झूल रही हाईटेंशन लाइन

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संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। कई वार्डों में घरों के ऊपर से निकली हाईटेंशन लाइन के तार काल बनकर झूल रहे हैं। इन घरों में रहने वाले लोग न तो दिन में अपना काम ठीक से कर पा रहे हैं और न ही रात में चैन से सो पा रहे हैं। कारण, जर्जर तारों के टूटकर गिरने का भय बना हुआ है। कई लोगों ने करंट के डर से मकान में सीढ़ियां नहीं बनवाई हैं। इन तारों की चपेट में आने से लोगों की जान तक जा चुकी है, इसके बाद भी जिम्मेदार मौन बने हैं।
हाईटेंशन लाइन के तार लंबे अरसे पहले शहर के बाहर से निकाले गए थे। उस समय इन स्थानों पर खाली मैदान था, लेकिन शहर का दायरा बढ़ा और धीरे-धीरे बस्तियां व मकान बनते गए। अब हालत यह हो गई कि हाईटेंशन लाइन के खुले तार छतों को छूने लगे हैं। कई स्थानों पर तो तार ढीले होने से छतों से महज दो या तीन फीट की ऊंचाई से ही निकले हैं। ऐसे में लोग अपनी छतों पर नहीं जाते। कई स्थानों पर तो तारों के टूटकर गिरने के भय से रात भी सुकून से नहीं गुजार पा रहे हैं।
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इन मोहल्लों में है यह स्थिति
मोहल्ला पिसनारी, जुगपुरा, घुसयाना व रावतयाना आदि में तार छतों से होकर गुजर रहे हैं। तालाबपुरा में भी कई बार चपेट में आकर मौत हो चुकी है। मोहल्ला जुगपुरा में हाईटेंशन लाइन के तार छतों को छू रहे हैं। कई स्थानों पर तो छतों को तार छू रहे हैं। इन मोहल्लों में कईयों ने पाइप तो कुछ ने लकड़ियों के सहारे तारों को ऊंचा कर दिया है।
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यह है नियम
किसी का मकान पहले से बना है और हाईटेंशन लाइन निकाली जा रही है तो बिजली विभाग जिम्मेदार होता है। वहीं, बिजली की लाइन के नीचे मकान का निर्माण करने पर भवन स्वामी स्वयं जिम्मेदार होगा। बिजली की केबल के नीचे की जमीन बेचने से पहले बिजली विभाग से स्वीकृति लेना आवश्यक है। इसके लिए विभाग द्वारा एस्टीमेट तैयार किया जाता है, जिसकी राशि भूस्वामी/कॉलोनी बनाने वाले बिल्डर को जमा करनी होती है। इसके बाद तारों को विभाग द्वारा अन्य स्थान से निकाला जाता है।
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अवैध कॉलोनाइजर कर गए खेल
हाईटेंशन लाइन के तारों के नीचे की जमीन बेची नहीं जाती है। यदि कोई भूस्वामी जमीन को प्लाट के रूप में बेच रहा तो उस स्थिति में तार हटाने के लिए प्रार्थनापत्र देना होता है। इसके बाद विभाग सर्वे कर स्टीमेट बनाता है। स्टीमेट की राशि विभाग में जमा करने के बाद तारों को हटाया जाता है, लेकिन अवैध कॉलोनाइजरों ने नियमों की अनदेखी कर प्लाट बेच दिया। प्लाट खरीदारों को तार हटवाने का दवा करते रहे, लेकिन प्लाट बिकने पर चलता कर दिए।
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फोटो- 15
कैप्सन- मांगीलाल
मकान 16 वर्ष पहले बनाया था, उस समय तारों को हटाए जाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन नहीं हटाए गए। अब डर के मारे छत पर नहीं जाते।
- मांगीलाल
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फोटो- 16
कैप्सन- रामकुमारी
छत के ऊपर से निकली हाईटेंशन लाइन काल बनी हुई है। लगभग आठ वर्ष पूर्व एक महिला की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी।
- राजकुमारी
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फोटो- 17
कैप्सन- श्रीबाई
हाईटेंशन लाइन के भय से छत पर नहीं पहुंच पा रहे हैं। धूप निकलने पर भी कमरों में ही ठंड से ठिठुरना पड़ता है। तारों को हटाया जाए।
- श्रीबाई
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बिजली की लाइन के नीचे मकानों को बनाया जाना नियमत: गलत है। इसके लिए विभाग से एनओसी लेना होती है। लाइन शिफ्टिंग होने के बाद ही मकान का निर्माण किया जाना चाहिए। - संजय सिंह, अधीक्षण अभियंता, विद्युत विभाग
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