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जनपद में पचास किलोमीटर की माइनर नहरें हुई विलुप्त

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ललितपुर। बुंदेलखंड में सूखे की मार खूब पड़ी है। इसके चलते यहां पर खेतों की सिंचाई और पानी पहुंचाने के लिए कई बांध और परियोजनाएं बनाई गईं। लेकिन इसके बाद भी जिले का बड़ा भाग सिंचाई से अछूता है। बताया जाता है कि इन बांधों से निकलीं करीब 26 छोटी नहरों (माइनर) से आज तक टेल तक पानी नहीं पहुंच सका है। ऐसे में इन क्षेत्रों के किसान सिंचाई को लेकर परेशान रहते हैं। सिंचाई और राजघाट निर्माण खंड क्षेत्र में करीब 50किमी लंबे माइनर अक्रियाशील हैं। इन्हें क्रियाशील बनाने के लिए कोई कार्ययोजना तैयार नहीं की गई है। जबकि शासन ने विभाग को करोड़ों रुपये दिए थे। जिसमें विभाग ने पुल-पुलिया का कार्य दर्शाकर यह धनराशि खर्च कर दी और नहरों की हालत जहां की तहां बनी हुई है।
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राजघाट निर्माण खंड और सिंचाई खंड के टेलों की कुल संख्या 123 है। जिनमें से 103 टेलों पर पानी पहुंचाया जा रहा है। वहीं 20 नहरें अक्रियाशील हैं। गोविंद सागर बांध से निकली नहर से14 माइनर नहरें हैं। यह राजघाट निर्माण खंड के अंतर्गत आते हैं। वहीं सिंचाई खंड अंतर्गत आने वाली छह नहरें अक्रियाशील चल रही हैं। इन अक्रियाशील नहरों में बसतगुवां की 3.600, मथुरा में 5.800, खिरियाबेहटा की 2.00, सेमरा में 2.400, धनगौल में 6.200, गैदोरा में 1.900, मावलेन में 2, चुनगी में 4.900, रजपुरा में 1.300, बघौरा की 1.100, दशरारा की 2.00, बछरावनी की 2.400, पठा पचौड़ा की 2.400, भावनी की 3.200 किलोमीटर के माइनर हैं। वहीं सिंचाई खंड की मोगान 3.200, कैलगुवां 6.400, बंगरा में 1.600, जरावली में 1.870, गहराव में 2.00, टौरिया में 2.40 किमी शामिल हैं। विभागीय अधिकारियों के अनुसार इन अक्रियाशील नहरों को क्रियाशील बनाए जाने के लिए विभिन्न परियोजनाएं प्रगति पर हैं।
सिंचाई खंड की छह माइनर नहरों को क्रियाशील बनाने का हो रहा काम
सिंचाई खंड की अक्रियाशील चल रही छह माइनर नहरों मोगान, कैलगुवां, बंगरा, जरावली, गहराव, टौरिया को क्रियाशील बनाने के लिए काम कराया जा रहा है। इन सभी माइनर नहरों में कचनौंदा बांध से पानी देने की योजना सिंचाई विभाग ने बनाई है।
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सिंचाई खंड की छह अक्रियाशील नहरों को क्रियाशील बनाने के लिए इन पर काम कराया जा रहा है। इन माइनर नहरों में कचनौंदा बांध से पानी देने की योजना तैयार की गई है।-इं. भूपेश सुहेरा, अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड
गोविंद सागर से निकली नहर के ऊपरी क्षेत्र में करीब 30-35 वर्षों से पानी न पहुंच पाने के कारण बार क्षेत्र के 14 गांव क्षेत्र में माइनर नहरें अक्रियाशील हो चुकी हैं। इन नहरों में लाइनिंग का कार्य जल्द ही शुरू करवाया जाएगा।
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इं. मनमोहन, अधिशासी अभियंता, राजघाट निर्माण खंड
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