ललितपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना के तहत संचालित समूह की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। जो महिलाएं अपने जीवन में कुछ करना चाह रही हैं, उनके लिए यह एक प्लेटफार्म तैयार कर रहा है। ऐसा ही उदाहरण ग्राम झरावटा की महिला रामसखी हैं, जिसकी कामयाबी में शिक्षा भी बाधक नहीं बन सकी। कक्षा आठ तक शिक्षा ग्रहण करने वाली महिला ने लखपति दीदी में अपना नाम दर्ज कराया है।
विकास मड़ावरा अंतर्गत ग्राम झरावटा की महिला राम सखी का परिवार आर्थिक तंगी से गुजर रहा था। इसके बाद उसे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत संचालित स्वयं सहायता समूह की जानकारी मिली। उसने समूह से जुड़कर उसके कामकाज को अच्छी तरह से समझा, इसके बाद उसने समूह से 25 हजार रुपये का लोन लेकर बकरी व मुर्गी पालन व्यवसाय का प्रारंभ किया। पूरे लगन के साथ उसने यह कार्य किया, जिसका परिणाम यह हुआ है, वह वर्तमान करीब दस हजार रुपये प्रतिमाह कमा रही है। जिससे उसके परिवार की आर्थिक स्थिति में तो सुधार आया ही है। साथ ही वह समाज भी सम्मान के साथ जीवन यापन कर रही है।