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नगरीय प्राथमिक केंद्र मात्र ओपीडी तक सीमित

Wed, 14 Dec 2016 12:44 AM IST
lalitpur
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स्‍वाास्‍थ्‍य - फोटो : amar ujala
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शहर की मलिन बस्तियों में रहने वाली गरीब परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन के तहत शहर में कुल दो नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को स्थापित कराया गया है। एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र वार्ड नंबर 11 मुहल्ला गोविंद नगर में स्थापित है और दूसरा वार्ड नंबर 04 के मुुहल्ला नेहरू नगर में है, जो पहले नगरीय स्वास्थ्य केंद्र था जिसे उच्चीकृत करके नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में परिवर्तित कर दिया गया है।
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दोनों नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों को करीब दो वर्ष हो गए हैं, लेकिन अभी तक यहां एक भी महिला का प्रसव नहीं किया गया है। जबकि शासन ने इन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को स्थापित इस उद्देश्य से कराया था कि मलिन बस्तियों में रहने वाली गरीब गर्भवती महिलाओं के लिए प्रसव के पूर्व जांच आदि के लिए और प्रसव के लिए जिला अस्पताल की दौड़ नहीं लगानी पड़े। साथ ही प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाऐं इन केंद्रों के जरीय गरीब लोगों को आसानी से मिल सकें। इसके लिए केंद्रों पर संविदा पर एमबीबीएस चिकित्स समेत पर्याप्त स्टाफ की तैनाती की गई है।

गोविंद नगर में स्थापित केंद्र पर एक एमबीबीएस चिकित्साधिकारी जो सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त हैं, एक फार्मासिस्ट, एक लैब टैक्नीशियन, दो स्टाफ नर्स, एक वार्ड आया, एक वार्ड वॉय, एक स्वीपर कम चौकीदार और कुल 11 एएनएम नियुक्त हैं। इन एएनएम को हर दस-दस हजार की आबादी वाले क्षेत्र की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इनका कार्य गर्भवती महिलाओं की प्रसव से पूर्व देखभाल करना, समय से उपचार कराना, जांचे करान व केंद्रों पर लाकर प्रसव कराना और प्रसव के बाद भी उनकी निश्चित समय तक देेखभाल करना है। पर्याप्त स्टाफ और प्रसवोत्तर कक्ष व समस्त सुविधाएं उपलब्ध होने और एक साथ चार मरीजों को भर्ती करने की व्यवस्था उपलब्ध होने के बाद भी यह पर अभी तक यहां पर एक भी महिला का प्रसव नहीं किया गया है,  केंद्र केवल ओपीडी मात्र बनकर रह गया है।
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बिना बिजली के मात्र दो कमरों में संचालित हो रहा नेहरू नगर प्राथमिक केंद्र
नेहरु नगर में स्थापित नगरीय प्राथमिक केंद्र पूर्व में नगरीय स्वास्थ्य केंद्र था, जिसकी स्थापना वर्ष 2009 में कराई गई थी। विगत वर्ष इसको उच्चीकृत करके प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दे दिया था। इसके बाद यहां संविदा पर एक एमबीबीएस चिकित्साधिकारी, एक फार्मासिस्ट, एक स्टाफ नर्स, एक स्वीपर कम चौकीदार और एक एएनएम की तैनाती की गई है, जो वर्तमान में भी तैनात है। जिस किराए के भवन में यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र संचालित किया जा रहा है, उस भवन में विगत कुछ महीनों से बिजली की भी व्यवस्था नहीं है। इसके अलावा यहां पर केवल दो ही छोटे-छोटे कक्ष हैं जिसमें यह प्राथमिक केंद्र संचालित हो रहा है। एक कक्ष में चिकित्साधिकारी अपनी ओपीडी चलाती हैं व दूसरे में मरीजों को इंजेक्सन व वॉटल लगवाने के लिए एक पलंग डला हुआ है। जगह के अभाव में यहां पर प्रसव कक्ष भी स्थापित नहीं किया गया है और मरीजों को भर्ती करने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं है। अभी तक यहां पर एक भी प्रसव नहीं किया गया है।

नहीं मिल पर रहीं चौबीस घंटे सेवा
शहर में स्थापित दोनों नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के खुलने का समय सुबह 09 बजे और बंद होने का समय शाम 04 बजे तक है। इसी दौरान मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो पाती हैं। जबकि शासन की मंशा थी कि यह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चौबीस घंटे खुले जाएं ताकि गर्भवती महिलाओं को चौबीसों घंटे सेवाएं मिल सकें। इसके अलावा इन केंद्रों पर चार रोगियों को भर्ती करने की व्यवस्था के साथ प्रसव और प्रसव पूर्व जांच तथा पैथालाजी में होने वाली जांचों की सुविधाएं भी मिल सकें। स्थानीय स्तर पर शासन की मंशा के अनुरूप प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को संचालित नहीं किया जा रहा है और न ही अभी तक कोई प्रयास किए जा रहे हैं। वर्तमान में इन केंद्रों पर जो स्टाफ तैनात है उसमें चौबीस घंटे सेवाएं दे पाना आसान नहीं है, इसके लिए स्थानीय अधिकारियों को शासन स्तर से स्टाफ बढ़ाने की मांग करना जरुरी है।

नगरीय स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसव समेत अन्य चिकित्सीय सुविधाओं मरीजों को क्यों उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इसकी जांच कराई जाएगी। लोगों को भी जागरुक किया जाएगा, कि उनके घर के पास बेहतर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध है, तो उसका लाभ लें।
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- डॉ. प्रताप सिंह सीएमओ
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