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लड्डुओं की मिठास को फीका नहीं कर सकी नोटबंदी

Wed, 11 Jan 2017 12:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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sweet, lalitpur news - फोटो : demo
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मकर संक्रांति के उल्लास पर नोटबंदी कोई असर नहीं दिखा सकी। बाजार में खरीदारों की जमकर भीड़ है, केवल फर्क इतना पड़ा है कि लोगों ने सामान की कुछ मात्रा कम कर दी है।
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बुंदेलखंड में दीपावली व होली के त्यौहार से ज्यादा मकर संक्रांति पर लोग अपने घरों में अधिक पकवान बनाते हैं। व्यापारियों को साल भर मकर संक्रांति का इंतजार रहता है, क्योंकि यह सबसे महंगा त्यौहार माना जाता है। लड्डू बनाने के लिए गुड़ के साथ-साथ शुद्घ घी, काजू, बादाम, दाखें, पिस्ता, खसखस दाने, अचार चिरौंजी, छुआरे, गरी आदि की जरूरत होती है। नोटबंदी के बाद व्यापारियों का अनुमान था कि इस बार की मकर संक्रांति पर बाजार पूरी तरह से ठप रहेगा, लेकिन सोमवार से बाजार में अचानक से बड़ी भीड़-भाड़ ने व्यापारियों में उम्मीद जगा दी है। जिला मुख्यालय पर स्थित नझाई बाजार गुड़ का सबसे बड़ा बाजार हैं और यहां मकर संक्रांति के एक सप्ताह पहले से केवल किराने के सामानों की अस्थाई दुकानें ही संचालित की जाती है। सोमवार से नझाई बाजार में लोगों की जमकर भीड़ पड़ने लगी है, बाजार में खरीदारी करने के लिए आए ग्रामीणों व किसानों से और स्थानीय व्यापारियों से बात करने पर उन्होंने बताया कि नोटबंदी के कारण त्यौहार व बाजार पर कोई खास फर्क नहीं पड़ा है। विगत वर्ष की तुलना में बात करें तो करेंसी की दिक्कत के कारण बाजार की बिक्री में 10-20 प्रतिशत की गिरावट जरूर महसूस हो रही है।

विगत वर्ष की भांति की खरीद
नझाई बाजार में खरीददारी करने के लिए ग्राम जैरवारा से आए बालकिशन बताते हैं कि उन्होंने विगत वर्ष के समान ही इस बाद भी सामान की खरीदारी की है। नोटबंदी का उनपर कोई असर नहीं पड़ा है, यदि सामान महंगा हो जाता तो शायद उनका हिसाब गड़बड़ा जाता।
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- बालकिशन
ग्राम जैरवारा निवासी।

इस बार कुछ कम ही सही
वहीं ग्राम कल्यानपुरा निवासी मानसिंह जो पेशे से किसान हैं, उन्होंने बताया कि नगदी की कमी के चलते थोड़ी समस्या हो रही है। इस बार कुछ कम लड्डू खाकर काम चला लेंगे।
-मानसिंह
ग्राम कल्यानपुरा निवासी।

थोड़ा तो असर पड़ा ही है
गुड़ व्यापारी सौरभ जैन बताते हैं कि नोटबंदी का थोड़ा बहुत असर तो बाजार पर पड़ा ही है। गुड़ के दामों में हर वर्ष दो-तीन रुपए प्रतिकिलो की दर की बढ़ोतरी हो जाती है, जो इस बार भी हुई है। वह बताते हैं कि देशी गुड़ 35 रुपये प्रतिकिलो, करेली गुड़ और चौका (सफेद) गुड़ 32 रुपये प्रति किलो चल रहा है, गुड़ की बिक्री में विगत वर्ष की तुलना में वर्तमान में करीब दस से बीस प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है।

-सौरभ जैन
गुड़ व्यापारी।

किराने के सामानों की दरों में आई गिरावट
नझाई बाजार स्थित किराना व्यापारी अंशुल बड़कुुल बताते हैं कि इस बार मकर संक्रांति पर किराने के सामानों की दरों में गिरावट भी  दर्ज की गई है, केवल गुड़ के दामों में एक-दो रुपए प्रति किलो की बढ़ोत्तरी  हुई है।
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सामान(प्रति किलोग्राम)                 पूर्व के दाम                                          वर्तमान के दाम
काजू                                      500 से 700 तक                                 कोई परिवर्तन नहीं
किशमिश                                  150 से 200 तक                                100 से 150 तक
बादाम                                      650 से 800 तक                                कोई परिवर्तन नहीं
छुआरे                                     40 से 80 तक                                     30 से 60 तक
गरी(सूखा नारियल)                     200 से 220 तक                                90 से 100 तक
खसखस दाने                              260 से 280 तक                                कोई परिवर्तन नहीं
मखाने                                     250 से 300 तक                                 कोई परिवर्तन नहीं
मैथी                                        50 से 55 तक                                   40 से 42 तक
काली मिर्च                                750 से 800 तक                                कोई परिवर्तन नहीं
सौंठ                                        160 तक                                         कोई परिवर्तन नहीं
पिस्ता                                       950 से 1050 तक                             कोई परिवर्तन नहीं
अचार चिरौंजी                            600 से 800 तक                                 550 से 800 तक
चीनी                                       42 से 44 तक                                  कोई परिवर्तन नहीं
वनस्पति घी                               65 से 70 तक                                   72 से 75 तक
देशी घी                                  450 से 500 तक                         450 से 550 तक
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