- कुरुक्षेत्र की हिमानी ने उत्तराखंड की कोमल काे करारी शिकस्त दी
- कुश्ती भारत की प्राचीन खेल विधा : डॉ. चंद्रपाल सिंह
- दंगल में दूसरे दिन पहलवानों ने दिखाए दांव-पेंच
संवाद न्यूज एजेंसी
तालबेहट। मेला महोत्सव में आयोजित दो दिवसीय स्व. लक्ष्मणदास लिटौरिया स्मृति दंगल प्रतियोगिता में शनिवार को दिल्ली के पहलवान अकरम और हरिद्वार के प्रदीप शास्त्री के बीच हुई रोमांचक कुश्ती में प्रदीप शास्त्री विजयी रहे।
पहली कुश्ती कानपुर के ओमवीर और बबीना के राज के बीच हुई। जिसमें दोनों पहलवान बराबर पर रहे। दूसरी कुश्ती अलीगढ़ के सोहिल और बनीना के तनिरुक के बीच हुई, जिसमें सोहिल विजयी रहे। तीसरी कुश्ती मुजफ्फरनगर के आर्यन और बबीना के कपिल के बीच हुई। जिसमें दोनों पहलवान बराबर पर रहे। हरियाणा के पहलवान रंजीत और बबीना के राजदीप रजक के बीच मुकाबला बराबरी का रहा। धमकना के मनदीप यादव ने हंसारकला के अखिलेश रजक को हराया। धमकना के अरुण यादव ने बबीना के अनमोल को पराजित किया। बबीना के दीपक यादव ने महोबा के जयसिंह को हरा दिया। बबीना के राजदीप और हरियाणा के रंजीत के बीच मुकाबला बराबर पर रहा। अलीगढ़ के सादाब ने बबीना के समीर को हरा दिया। वहीं, महिला कुश्ती में कुरुक्षेत्र की हिमानी ने उत्तराखंड की कोमल काे करारी शिकस्त दी। रेफरी की भूमिका हाजी शहाबुद्दीन कानपुर, रफीक काली घटा बांदा, चंद्रप्रकाश राय बबीना के रहे। कुश्ती प्रतियोगिता का शुभारंभ करते हुए पूर्व सांसद डॉ. चंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि कुश्ती प्राचीन सांस्कृतिक विधा है जो हमें खेल भावना के माध्यम से सामाजिक समरसता का भाव सिखाने के साथ-साथ शारीरिक मजबूती प्रदान करती है। इस मौके पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख महेंद्र पाल सिंह यादव, नगर पंचायत अध्यक्ष पुनीत सिंह परिहार, इंद्रपाल सिंह यादव, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मान सिंह यादव मौजूद रहे।