गल्ला मंडी का एसडीएम ने लिया जायजा, व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के दिए निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। गल्ला मंडी में समस्याओं से जूझ रहे किसानों की पीड़ा सुनने बृहस्पतिवार को एसडीएम सदर सीपी सिंह ने मौके पर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने मंडी सचिव को व्यवस्थाओं में सुधार के लिए दिशा निर्देश दिए।
गल्ला मंडी में 17 से अधिक हैंडपंप खराब पड़े थे, पानी की टंकियों (प्याऊ) में नलों की टोटियां टूटी पड़ी थीं और शौचालयों में भारी गंदगी होने व ताले पड़े होने जैसी समस्याओं से किसानों को भारी परेशान होना पड़ रहा है। वहीं हाईमास्ट लाइटें दो वर्षों से खराब पड़ी हुई हैं, जिससे व्यापारियों व किसानों को रात के समय परेशान होना पड़ रहा है। इससे भी खराब हालत शौचालयों की भी है, जहां गंदगी पसरी हुई है और उपकरण टूटे पड़े हैं। गल्ला मंडी में इन समस्याओं को अमर उजाला ने 26 मार्च के अंक में पृष्ठ संख्या दो पर प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। जिसका संज्ञान जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया और बृहस्पतिवार को एसडीएम सदर एसपी सिंह ने गल्ला मंडी पहुंचकरका निरीक्षण किया।
उन्होंने वहां आड़े तिरछे ट्रैक्टरों से हो रही जाम जैसी समस्याओं को देखा और मंडी सचिव व व्यापारियों को माल खाली होने पर ट्रैक्टरों को तत्काल मंडी से बाहर कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने मंडी में किसानों के लिए पेयजल की होने वाली समस्याओं को परखा और प्याऊ पर जाकर नलों की टोटियां व हैंडपंप का निरीक्षण किया, जिस पर मंडी सचिव सतेंद्र कुमार ने जानकारी दी कि हैंडपंप जल निगम के माध्यम से सुधरवाए जा रहे हैं और कुछ प्याऊ पर नलों की टोटियां टूटी होने पर बदला गया है, लेकिन बहुत से प्याऊ की स्थिति अब भी जस की तस बनी हुई है। इस पर उन्होंने किसानों केे लिए पेयजल की व्यवस्था प्रमुखता से कराए जाने के लिए मंडी सचिव को प्याऊ की टाेटियां लगाने या ठीक कराने, हैंडपंपों को सुधरवाने और हाईमास्ट लाइटों को सुधरवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने व्यापारियों से भी अपील की है कि व्यापारी अपनी दुकानों पर मटके आदि की व्यवस्थाएं कराएं ताकि किसानों को पेयजल केे लिए परेशान न होना पड़े। उन्होंने मंडी सचिव को निर्देशित किया कि सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त करा लें, ताकि यहां आने वाले किसानों को परेशान न होना पड़े।
गल्ला मंडी में हैंडपंप खराब होने, हाईमास्ट लाइटें खराब होने, शौचालयों व सड़कों, नालियों में सफाई नहीं होने जैसी समस्याओं की खबरें आने पर निरीक्षण किया है और मंडी सचिव को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। -चंद्रभूषण प्रताप सिंह, एसडीएम सदर।