संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जल संस्थान के अफसरों की लापरवाही से आधा दर्जन मोहल्लों की करीब 12 हजार की आबादी कई वर्षों से पानी के संकट से जूझ रही है। इन मोहल्लों में करीब 40 साल पुरानी जर्जर पाइप लाइन नहीं बदली गई, जिससे घरों में लगे नलों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। यहां के बाशिंदे आसपास लगे हैंडपंपों से पानी भरकर काम चलाते हैं, लेकिन गर्मी में जलस्तर गिरने से हैंडपंपों ने भी पानी देना बंद कर दिया तो टैंकर से पानी लेकर काम चल रहे हैं। सदर विधायक रामरतन कुशवाहा का मोहल्ला भी इसमें शामिल है।
शहर में बढ़ती आबादी के मुकाबले सुविधाओं में विस्तार नहीं किया गया। पेयजल आपूर्ति की सुविधा के लिए लगभग 40 वर्ष पूर्व पाइपलाइन डाली गई थी। इससे लगभग समूचे नगर को पानी की सप्लाई होती थी। लेकिन, कुछ समय बाद अधिकारियों की उदासीनता के चलते अंतिम छोर के मोहल्लों में आपूर्ति की चाल धीमी होती गई। अब लगभग आधा दर्जन मोहल्लों में पांच साल से आपूर्ति पूरी तरह ठप है। इन घरों में नल तो लगे हैं, पर पानी की बूंद तक नहीं आ रही है। यह हाल मोहल्ला रैदासपुरा, विष्णुपुरा, नारायनपुरा, खिरकापुरा और ऋद्धानंदपुरा का है। इसके अलावा मोहल्ला चौबयाना में सदर विधायक के वार्ड में भी कई गलियों में पांच वर्ष तो कई में पांच माह से पेयजल आपूर्ति ठप है।
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पाइपलाइन की नहीं की गई मरम्मत
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इन मोहल्लों में 40 वर्ष पहले पाइपलाइन डाली गई थी, तब से अब तक इसकी मरम्मत नहीं की गई है। इससे लाइनें जीर्ण-शीर्ण हो गई हैं। इसके अलावा अंतिम छोर पर होने से प्रेशर से पानी की सप्लाई नहीं होने से दिक्कत बढ़ गई है।
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गर्मियों में हैंडपंप छोड़ देते पानी
इन छह मोहल्लों की लगभग 12 हजार की आबादी को सर्दी व बारिश के मौसम में तो हैंडपंप से पानी मिलता रहता है, लेकिन गर्मी की शुरुआत होते ही हैंडपंप साथ छोड़ देते हैं। दूर लगे हैंडपंप से पानी लाना पड़ता है।
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इन मोहल्लों में पानी की समस्या
मोहल्ला - आबादी
रैदासपुरा - 3000
खिरकापुरा - 3000
विष्णुपुरा - 1200
नारायनपुरा - 500
सदर विधायक की गली चौबयाना में - 600
सभासद की गली - 300
नया कुआं के पास - 1250