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महिला चिकित्सकों की कमी प्रसूताओं पर पड़ रही भारी

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hospital 1.jpg - फोटो : hospital 1.jpg
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सिलावन (ललितपुर)। महरौनी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विशेषज्ञ महिला चिकित्सकों की कमी से जूझ रहा है। महिला चिकित्सक के अभाव में महिलाओं को इलाज नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में महिलाओं को उपचार के लिए जिला मुख्यालय पर आना पड़ता है। कई बार तो महिला मरीजों की जान पर बन आती है। सीएचसी महरौनी नर्सों के भरोसे चल रही है।
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शासन संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रहा है। जिससे प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चों दोनों को सुरक्षित रखा जा सकेे, साथ ही विभिन्न बीमारियों से बचाव किया जा सके। इसके लिए अस्पताल तक आने व जाने के लिए 108 डायल करने पर एंबूलेंस सेवाएं मुहैया हो रही हैं। साथ ही संस्थान प्रसव होने पर पहले प्रसव पर मातृ वंदना योजना के अंतर्गत पांच हजार रुपये और प्रसव के बाद 14 सौ रुपये का भुगतान किया जाता है।
लेकिन तमाम सुविधाओं के बाद भी संस्थागत प्रसव में कमी बनी हुई है, जिसका कारण चिकित्सकों की कमी है। प्रसूताएं प्रसव कराने के लिए सरकारी अस्पतालों में तो पहुंच रहीं, लेकिन चिकित्सकों की कमी भारी पड़ रही है। ऐसी ही स्थित कस्बा महरौनी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की है। यहां पर अब तक काई महिला विशेषज्ञ की तैनाती नहीं हो सकी है। ऐसे में प्रसव कराने आ रहे गर्भवती महिलाओं को चिकित्सकों की कमी का दंश झेलना पड़ रहा है। नर्सों के सहारे प्रसव कराए जा रहे हैं। ऐसे में कई बार प्रसूताओं को प्रसव के समय ही हालत खराब होने पर रेफर किया जाता है। ऐसे में हालत खराब होने पर निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता है। कई बार प्रसूताओं को देर होने के चलते जान जाने का खतरा तक बन जाता है। रेफर के दौरान महिलाएं जिला मुख्यालय अन्यथा में मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ की ओर जाती हैं। जहां पर मोटी रकम चुका कर प्रसव कराने पड़ रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने कई बार चिकित्सकों को तैनात करने की मांग की, लेकिन अब तक तैनाती न हो सकी है। इसको लेकर लोगों में रोष व्याप्त है।
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सीएचसी पर महिला चिकित्सक नहीं होने से परेशानी होती है। हर माह जांच के लिए ललितपुर या टीकमगढ़ जाना पड़ता है। जहां पर अधिक पैसे खर्च होते हैं। मानकुंवर पड़वा
सीएचसी पर काफी समय से महिला चिकित्सक नहीं हैं, जिसके महिला मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा। निजी चिकित्सकों से इलाज कराने को मजबूर हैं। देवीबाई पठा
महिला चिकित्सक के अभाव में नर्सों और एएनएम से जांच करानी पड़ रही है। कई बार प्रसूता को विशेषज्ञ चिकित्सक के अभाव में प्रसव के दौरान ही रेफर किया जाता है। हरीबाई अमौरा
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सीएचसी पर चिकित्सकों की तैनाती को लेकर पत्राचार किया गया गया है।
डॉ. राजेश वर्मा, चिकित्सा अधीक्षक, सीएचसी महरौनी
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