पुरानी वैट प्रक्रिया के तहत जीएसटीएन में स्थानांतरण होने वाले या फिर जीएसटी में नवीन पंजीकरण वाले व्यापारियों को पूरा लेखा ऑनलाइन दर्ज हो गया है। इससे अब व्यापारियों द्वारा फर्जी बाड़ा कर काला धन जमा नहीं किया जा सकेगा। काला धन जमा करने से रोकने के लिए विभाग द्वारा जीएसटी में पंजीकरण कराने वाले व्यापारियों का भौतिक सत्यापन कराने की तैयारी कर ली है। इसके लिए विभाग द्वारा अपने अधीनस्थ अधिकारियों के लिए फार्मेट भी जारी कर दिया है। उक्त फार्मेट के अनुसार ही वाणिज्यकर अधिकारियों द्वारा व्यापारियों के व्यापार की वास्तविक स्थिति का सर्वे किया जाएगा।
शासन द्वारा कर प्रणाली में परिवर्तन करते हुए पुरानी वैट प्रणाली को खत्म करते हुए नई जीएसटी प्रणाली लागू की गई है। इसके तहत सारी व्यवस्था ऑनलाइन की गई है। अब वाणिज्यकर विभाग में व्यापारियों द्वारा किए जाने व्यापार पर भी पूरी नजर रखी जाएगी। वाणिज्यकर कमिश्नर मुकेश कुमार मेश्राम द्वारा वाणिज्यकर विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि नए पंजीकृत व्यापारियों के व्यापार की वास्तविकता जांचने के लिए मौके पर जाकर भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इसमें अधिकारी पंजीकृत व्यापारियों और उनके व्यापार स्थल की जांच करके सच्चाई का पता लगाएंगे। व्यापारियों द्वारा जीएसटी पंजीकरण में दी गई जानकारी गलत मिलने पर उसे फर्जी माना जाएगा और उस व्यापारी का पंजीकरण निरस्त कर दिया। उसके खिलाफ धोखाधड़ी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। व्यापार की जांच के लिए विभाग को नया ुफार्मेट भी उपलब्ध करा दिया गया है, जिसके अनुसार पंजीकृत व्यापारी के व्यापार की मौके पर जाकर जांच की जाएगी। सत्यापन फार्मेट के अनुसार वाणिज्यकर अधिकारी द्वारा सबसे पहले व्यापार स्थल का सर्वे, स्थल पर माल का स्टॉक, व्यापार स्थल सही जगह है या नहीं, वास्तविक व्यापार स्थल का पता लगाना, व्यापारी कौन है आदि की जांच की जाएगी।
रिटर्न दाखिल न करने की भी होगी जांच
जीएस-टीएन में पंजीकृत जिन व्यापारियों द्वारा रिटर्न दाखिल नहीं किया जा रहा है, उनसे टेलीफोन द्वारा संपर्क करके रिटर्न दाखिल कराया जाएगा। यदि इसके बाद भी रिटर्न दाखिल नहीं किया जाता है तो उसकी जांच कर यह तय किया जाएगा कि उनके द्वारा वास्तव में व्यापार किया जा रहा है या फर्जी रजिस्ट्रेशन कराया गया है।
जीएसटी की कठिनाइयों की जाएंगी दूर
व्यापार स्थल के सर्वेक्षण के समय रिटर्न दाखिल करने में आ रही समस्याओं की जानकारी कर उसके निराकरण अधिकारियों द्वारा कराया जाएगा। साथ ही हेल्पडैस्क के माध्यम से रिटर्न दाखिल कराने का प्रयास भी किया जाएगा। इस संबंध में जीएसटीएन द्वारा उपलब्ध कराई गई एक्सेल शीट के आधार पर नए पंजीकृत व्यापारियों की जोन, संभाग व खंडवार सूची जिसमें व्यापारियों को पूर्ण ब्यौरा भरा गया है, उच्चाधिकारियों को उपलब्ध कराई जा चुकी है।
भौतिक सत्यापन की मौखिक जानकारी है, अभी लिखित में कोई अधिकृत आदेश नहीं आया है, लेकिन भौतिक सत्यापन कराए जाने के लिए फार्मेट का प्रारूप आ चुका है। आदेश मिलते ही व्यापारियों व उनके व्यापार की वास्तविक जांच कराई जाएगी।
प्रवीण श्रोतीय, असिस्टेंट वाणिज्यकर अधिकारी।