वर्ष 2015 में गौना रेंज के अंतर्गत चीमना मामदा क्षेत्र में लगाए गए दस लाख पौधरोपण की जांच शुरू हो गई है। बुधवार को अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक दिवाकर कुमार ने मौके पर जाकर हुए पौधरोपण का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ग्रिडवार रेंडम तरीके से रोपित पौधों की जांच की।
पूर्व की सरकार ने पौधरोपण को गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज कराने के लिए गौना रेंज को चुना था। इस दौरान यहां एक से बाइस ग्रिड में पौधे लगाए गए थे। स्थानीय व्यक्ति ने पौधरोपण में गड़बड़ी होने की शिकायत उच्चस्थ अफसरों से की थी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि न केवल पौधरोपण की संख्या गिनने में गड़बड़ी हुई है। बल्कि ऊंचे रेटों पर मध्य प्रदेश के जिलों से विभिन्न प्रजातियों के पौधों को खरीदा गया है। इस पर शासन ने अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक दिवाकर कुमार को जांच का जिम्मा सौंपा। बुधवार को उन्होंने चीमना मामदा में कराए गए पौधरोपण की रेंडम तरीके से जांच की। यह पौधरोपण तत्कालीन डीएफओ वीके जैन के कार्यकाल में कराया गया था। उधर, वर्तमान डीएफओ गोविंद शरण का कहना है कि चीमना मामदा में करीब एक सौ दस हेक्टेयर में पौधरोपण कराया गया था। इसकी जांच शासन द्वारा कराई जा रही है। नामित अफसर ने इसकी जांच मौके पर जाकर की है। वह लखनऊ पहुंचकर शासन को अपनी जांच सौपेंगे।