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ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर : 1620 करोड़ रुपये से बनेंगे चार पारेषण उपकेंद्र

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संवाद न्यूज एजेंसी
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ललितपुर। ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के लिए जनपद में 1620 करोड़ रुपये की लागत से चार पारेषण उपकेंद्र बनाए जा रहे हैं। इनके माध्यम से जनपद में उत्पादित ग्रीन एनर्जी (सोलर एनर्जी) से बनाई जाने वाली बिजली को ग्रिड तक पहुंचाया जाएगा। आगामी दो वर्ष में यह पारेषण उपकेंद्रों बनकर तैयार हो जााएंगे। अधीक्षण अभियंता राजीव कालरा ने बृहस्पतिवार को बंगरिया में बन रहे पारेषण उपकेंद्र का निरीक्षण किया और ट्रांसमिशन अधिकारियों से उपकेंद्र के निर्माण के संबंध में जानकारी ली।
जिले में अब तक महरौनी खुर्द, चीरा, महरौनी के बारचौन और पठा विजयपुरा में दस-दस मेगावाट के दो सोलर प्लांट लगने से तीस मेगावाट बिजली उत्पादित हो रही है। जबकि तालबेहट के पवा क्षेत्र में आठ गांवों में 600 मेगावाट क्षमता के तीन सोलर प्लांट लगाए जा रहे हैं। जनपद में और भी सोलर प्लांट लगाए जाने को लेकर शासन के निर्देश पर ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के तहत चार विद्युत पारेषण उपकेंद्रों का निर्माण किया जा रहा है।
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यहां बन रहे पारेषण केंद्र
तालबेहट के ग्राम बंदेसरा खांदी में 81 एकड़ जमीन पर 1400 करोड़ की लागत से 765 केवी का क्षमता का पारेषण उपकेंद्र, बिरधा के ग्राम बंगरिया में 11 एकड़ जमीन पर 80 करोड़ रुपये की लागत से 220 केवी क्षमता का पारेषण उपकेंद्र निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा महरौनी के ग्राम बैजनाथ में दो एकड़ जमीन पर 40 करोड़ रुपये की लागत से 132 केवी क्षमता का पारेषण उपकेंद्र और मड़ावरा के ग्राम टीकरा में साढ़े दस एकड़ जमीन पर सौ करोड़ रुपये की लागत से पारेषण उपकेंद्र का निर्माण हो रहा है।
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अन्य पारेषण उपकेंद्रों से जुड़ेंगे नए उपकेंद्र
तालबेहट के खांदी में बन रहा 765केवी क्षमता के पारेषण उपकेंद्र की लाइनें को गरौठा एवं बजाज पावर प्लांट की लाइनों से जोड़ा जाएगा। जबकि बाकी नए पारेषण उपकेंद्र मड़ावरा व बिरधा को कल्याणपुरा केंद्र से जोड़ा जाएगा और मड़ावरा के पारेषण उपकेंद्र को महरौनी के उपकेंद्र से जोड़ा जाएगा।

अन्य सोलर प्लांट भी हो सकेंगे स्थापित
ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के तहत बनाए जा रहे पारेषण उपकेंद्रों के निर्माण होने से अब ललितपुर जनपद में और भी नए सोलर पावर प्लांट स्थापित होने की उम्मीद है। इसके लिए कई कंपनियां आगे आई हैं और जमीन की तलाश में जुटी हुई हैं। उन्हें जमीन मिलने के बाद तालबेहट क्षेत्र सोलर पावर प्लांट स्थापित किए जाने की उम्मीद है।

ओवरलोड से मिलेगी निजात, लोगों को मिलेगा रोजगार
चार नए पारेषण उपकेंद्र बन जाने से कम दूरी की लाइनों से बिजली आपूर्ति होने पर ओवरलोड की समस्या से राहत मिल सकेगी, जबकि इस प्लांट के निर्माण कराए जाने के चलते वर्तमान में करीब ढाई सौ मजदूरों से काम लिया जा रहा है। वहीं आगामी समय में पारेषण उपकेंद्रों के निर्माण के बाद इन उपकेंद्रों में कई बेरोजगारों को स्थायी रोजगार भी मिल सकेगा।
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वर्जन
जर्मनी, केंद्र व प्रदेश सरकार के सहयोग से बन रहे पारेषण उपकेंद्र
जिले में तालबेहट, बिरधा, महरौनी और मड़ावरा क्षेत्र में चार पारेषण उपकेंद्रों का निर्माण ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर के तहत किया जा रहा है। इसमें जर्मनी की केएफडब्ल्यू, केंद्र सरकार की एमएनआरएफ और उत्तर प्रदेश सरकार के सहयोग से 1620 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण हो रहा है। इसका निर्माण शुरू हो गया है और यह वर्ष 2026 तक पूर्ण करने हैं। -आशीष गुप्ता, उपखंड अधिकारी, ट्रांसमिशन।
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