ललितपुर। जिले में टिड्डी दल के दस्तक देने का सिलसिला कम नहीं हो रहा है। बृहस्पतिवार को मध्यप्रदेश की सीमा से लगे राजघाट से जिले में प्रवेश कर जखौरा ब्लाक के कालापहाड़ गांव में टिड्डी दल पहुंचा। लेकिन, कृषि विभाग व किसानों की जागरूकता से नीचे नहीं उतरा सका। टिड्डी दल ऊपर मंडराते हुए विभिन्न गांवों में होते हुए मध्यप्रदेश के जिला टीकमगढ़ में चला गया।
लगभग तीन सप्ताह से राजस्थान से होकर मध्यप्रदेश में पहुंचा टिड्डी दल जिले के ऊपर मंडरा रहा है। शुरू में बेतवा नदी किनारे व ग्रामीण क्षेत्रों में सब्जी को नुकसान करने का प्रयास किया, लेकिन कृषि विभाग के अलर्ट होने से व किसानों की जागरूकता से नुकसान नहीं पहुंचा सका। टिड्डी दल के अलर्ट को लेकर कृषि विभाग कर्मचारी सीमा पर निगरानी कर रहे हैं। वहीं, किसान भी जागरूक बने हुए हैं। टिड्डी दल के आते ही शोरगुल के उपकरण लेकर टिड्डियों को भगा देते हैं। इससे नुकसान नहीं हो पाया है। तीन बार टिड्डियों के दल को ऑपरेशन कर रसासयन के छिड़काव से नष्ट किया गया है।
बृहस्पतिवार की सुबह नौ बजे मध्यप्रदेश के जिला अशोक नगर से बड़ा टिड्डी दल जिले की सीमा में राजघाट से प्रवेश किया। जहां पर मौजूद कृषि विभाग की टीम टिड्डियों के पीछे लगी रही। जहां से यह दल ग्राम कालापहाड़, राख पंचमपुर, बांसी, बार, धमना होते हुए ग्राम धनगौल पहुंचा। दल के पीछे लगातार कृषि विभाग पटाखे चलाता रहा। ग्राम धनगौल में शोरगुल होने से मध्यप्रदेश के जिला टीकमगढ की मोहनगढ़ सीमा में प्रवेश कर गया। टिड्डी दल के मध्य प्रदेश में जाने पर कृषि विभाग ने राहत की सांस ली। टिड्डी दल के विभिन्न गांवों में मंडराने के बाद भी कहीं किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा सका।
टिड्डियों का बड़ा दल बृहस्पतिवार को मध्यप्रदेश के अशोक नगर जिला से राजघाट होकर जिले में आया। जहां से कई गांव में होते हुए मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ में चला गया।
- गौरव यादव, जिला कृषि अधिकारी