रविवार को टिड्डी दल ने झांसी के तालबेहट नगर सहित विकासखंड के कई गांवों में फिर से दस्तक दी। लगातार तीन दिन से टिड्डी दल के आने से लोग परेशान हो गए। लोगों ने सूर्यग्रहण के बावजूद छतों पर जाकर थाली और घंटे बजा कर शोर किया।
इसके बाद टिड्डी दल ग्राम कंधारीकलां और पूराकलां होते हुए मध्यप्रदेश की ओर चला गया। राजस्थान व मध्यप्रदेश के रास्ते से जनपद में बार-बार आ रहा टिड्डी दल किसानों और लोगों के लिए मुसीबत बनता जा रहा है। तीस दिन के अंदर इस दल ने तालबेहट क्षेत्र में छठवीं बार दस्तक दी है।
टिड्डी दल नगर और आसपास के गांवों में लगातार तीन दिन से अपनी दस्तक दे रहा है। रविवार को करीब 11 बजे माताटीला से आया टिड्डी दल देखते ही देखते नगर के ऊपर मंडराने लगा। लोगों ने पहले समझा कि सूर्यग्रहण के कारण अंधेरा हो गया है।
लेकिन जैसे ही बाहर जाकर देखा तो आसमान को टिड्डियों ने ढंक लिया था। लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। हरियाली देखकर दल नीचे आने लगा, तब ग्रहण लगे होने के बावजूद लोगों को छतों या बालकनी पर जाकर थाली और घंटे बजाने पड़े।
इससे मजबूर होकर टिड्डी दल नीचे नहीं उतर पाया। इसके बाद टिड्डी दल ग्राम सुनौरी, कंधारीकलां, पूराकलां होते हुए मध्यप्रदेश की ओर चला गया। कृषि विभाग के दीपेंद्र यादव ने बताया कि टिड्डियों का यह दल शनिवार को आए टिड्डी दल से अलग हो गया गया था, जो काफी छोटा था। शनिवार को आए टिड्डी दल को रात में विकासखंड विरधा के अंतर्गत ग्राम तोर में नष्ट कर दिया गया था।