ललितपुर। क्षेत्रीय सांसद/केंद्रीय पेयजल और स्वच्छता मंत्री उमा भारती की अनशन पर बैठने की चेतावनी काम कर गई। मंगलवार को आननफानन में मुख्यमंत्री कार्यालय ने इसे गंभीरता से लेते हुए लंबे समय से अटकी पत्रावली पर अपनी मुहर लगा दी। इससे नेहरू नगर पेयजल योजना को गोविंद सागर बांध से पानी मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
जल संस्थान ने जलापूर्ति करने के लिए शहर को अपर और लोअर जोन में विभाजित कर रखा है। अपर जोन में मोहल्ला नेहरू नगर, चांदमारी और सदन शाह क्षेत्र आता है। इस क्षेत्र में 12 महीने पेयजल की समस्या रहती है। गर्मियों के दिनों में पेयजल संकट गंभीर रूप धारण कर लेता है। आसपास के हैंडपंप भी सूख जाते हैं, जिससे क्षेत्रवासी टैंकर से जलापूर्ति पर निर्भर होकर रह जाते हैं। करीब 15 वर्षो से क्षेत्रवासी इस समस्या से जूझ रहे हैं। कइयों ने पीने के पानी की समस्या को देखते हुए अपने मकान तक बेच दिए।
इसे ध्यान में रखकर जल निगम ने ललितपुर पुनर्गठन योजना बनाई गई। अपर जोन के समस्याग्रस्त क्षेत्र मोहल्ला नेहरू नगर, चांदमारी व सदनशाह को शामिल किया गया है। इसके लिए 12 एमएलडी (05 क्यूसिक) पानी गोविंद सागर बांध से लेने का प्रस्ताव किया गया है। जिले के अधिकारियों ने सिंचाई विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने का इंतजार किए बगैर ही मुख्यमंत्री से शिलान्यास करा दिया। उस समय इस योजना की लागत राशि 39.71 करोड़ रुपये रखी गई थी, लेकिन एनओसी मिलने में हुई देरी से इसके रेट रिवाइस करने पड़े। अब यह योजना 46 करोड़ 24 लाख रुपये की हो गई है। यदि इसमें जीएसटी को जोड़ दिया जाए तो योजना की लागत करीब 52 करोड़ रुपये होने का अनुमान है।
उधर, गत दिवस केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने सिंचाई विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र मिलने में हो रही देरी पर सख्त तेवर दिखाते हुए अनशन की चेतावनी दी। इससे लखनऊ में बैठे अफसरों में खलबली मच गई। मंगलवार को इसके सुखद परिणाम आए। बताया गया कि मुख्यमंत्री कार्यालय ने पत्रावली को स्वीकृत कर दिया है। इस सूचना से जल निगम के अफसरों ने राहत की सांस ली है। सिंचाई विभाग के अधिकारी स्वीकृति की पुष्टि कर रहे हैं। वहीं, जल निगम ने इसके निर्माण के लिए 28 मार्च तक टेंडर मांगे हैं। राजघाट निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता मनमोहन सिंहने बताया कि सिंचाई विभाग के उच्च अफसरों एवं जल निगम के अफसरों को बुलाया गया है।
इनका होगा निर्माण
नेहरू नगर में पानी पहुंचाने के लिए सीडब्ल्यूडीआर, इंटेकवेल, ऊपरी जलाशय (ओवरहेड टैंक), ट्रीटमेंट प्लांट, राइजिंग मेन का कार्य होगा। इस परियोजना में 12 एमएलडी पानी का उपयोग होगा। वर्तमान में गोविंद सागर बांध से शहर के लिए 27 से 30 एमएलडी पानी उपलब्ध हो रहा है। वहीं, बांध से बारह हजार हेक्टेयर क्षेत्र की सिंचाई की जाती है। इसके लिए नब्बे दिन दाईं व बाई नहर खोली जाती है।
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पेयजल योजना में टेंडर डालने से कतरा रहे ठेकेदार
नेहरू नगर पेयजल योजना में पानी के फंसे पेच के बीच में ही जल निगम ने निविदा निकाल दी थी। इसमें पच्चीस फरवरी तक टेंडर मांगे गए थे। इस दौरान एक भी ठेकेदार ने टेंडर नहीं डाला था। इस पर दुबारा टेंडर की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इसमें 28 मार्च तक टेंडर मांगे गए हैं।
एनओसी के लिए पत्रावली सीएम आफिस भेजी गई थी, जहां एनओसी पर स्वीकृति मिल गई है। अब शासन में फाइल चली गई है, जहां से इसका आदेश जारी होगा।
- मनमोहन सिंह, अधिशासी अभियंता, राजघाट निर्माण खंड
नेहरू नगर पेयजल योजना के लिए टेंडर निकाला गया है। इसकी प्रक्रिया प्रगति पर है।
- प्रवीण कुट्टी, परियोजना प्रबंधक, निर्माण इकाई जल निगम