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Lalitpur News: जर्जर भवनों में बेफिक्री से चल रहे सरकारी कार्यालय

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ललितपुर। नगरीय क्षेत्र में कई जगह अंग्रेजी शासन काल में बनाए गए कई पुराने भवन जर्जर हो चुके हैं और सीमा खत्म होने के बाद अब यह जर्जर होकर लोगों के लिए खतरा बनकर हादसों को न्यौता दे रहे हैं। इसके बाद भी इन जर्जर भवनों का उपयोग सरकारी कार्यालय व अन्य कामकाज में हो रहा है। शहर में ही जर्जर पुराना कलक्ट्रेट भवन, पुराना तहसील भवन, बिजली विभाग का कार्यालय समेत तमाम भवन हैं, जो कंडम स्थिति में हैं। तेज बारिश, हवा व आंधी में यहां गंभीर हादसा होने की संभावना बनी रहती है। पेश है प्रमुख भवनों का आंखों देखा हाल....।
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कलक्ट्रेट परिसर में वकीलों के बस्तों के पास पुराने कलक्ट्रेट भवन का छज्जा काफी जर्जर हो चुका है। इस छज्जे की छत के कुछ पत्थर तीन वर्ष पूर्व दो बार वकीलों के बैठने के स्थान पर गिर गए थे, हालांकि उस समय कचहरी का समय नहीं होने के कारण कोई वकील या वादकारी वहां पर नहीं था, जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया था। बाद में उस स्थान पर आने- जाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया, लेकिन उसका कोई स्थायी समाधान अब तक नहीं किया गया है, इससे हादसे का डर बना रहता है।

जिला परिषद स्थित विद्युत वितरण खंड प्रथम का पीछे का कार्यालय काफी जर्जर स्थिति में है। इस भवन की दीवारों में नमी के साथ ही छतों से बारिश का पानी टपकता रहता है। इससे यहां बारिश में काम करने के दौरान कर्मचारियों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। अक्सर यहां बारिश में पानी टपकने से कंप्यूटर व जरूरी फाइलें भी खराब हो जाती हैं।
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पुराने तहसील परिसर में स्थित जर्जर भवनों में पूर्व सैनिक कल्याण व अन्य कार्यालय संचालित हो रहे हैं। ऐसे में यहां कार्यालय में कर्मचारियों को बारिश के दौरान खतराें के बीच काम करने को मजबूर होना पड़ रहा है। जबकि यहां रजिस्ट्रार कार्यालय आने वाले लोग भी बड़ी संख्या में इस भवन में इंतजार करने के लिए बैठे रहते हैं। वहीं इसी भवन के आगे पुराना उप निबंधक अभिलेखागार कार्यालय भी काफी जर्जर हालत हैं जो कभी भी गिर सकता है। इसके बगल में लगी सीढि़याें पर घने पौधे उग आए हैं। हालांकि इसके चारों ओर बाउंड्री बनी है, जिससे कोई इसके अंदर नहीं जा सकता।

फोटो-13
पुराने जर्जर कलक्ट्रेट भवन में कई अन्य सरकारी कार्यालय संचालित हो रहे हैं, इनमें जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, जिला पूर्ति कार्यालय, जिला प्रोबेशन कार्यालय, जिला अभियोजन कार्यालय, डूडा, जिला शासकीय अधिवक्ता राजस्व कार्यालय समेत, जिला समाज कल्याण विभाग, सहायक चकबंदी कार्यालय आधा दर्जन से अधिक कार्यालय संचालित हो रहे हैं, जिनमें अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ ही बड़ी संख्या में लोगों का आना-जाना लगा रहता है। जबकि इस भवन के पास बड़ी संख्या में वकीलाें के बस्ते भी जमे हए़ हैं।

शहर में जहां भी जर्जर भवन हैं, उसके संबंध में कोई निश्चित जानकारी नहीं है। यदि कोई शिकायत करता है या उस भवन से जानमाल का खतरा होता है, तो उसके संबंध में पालिका कार्रवाई द्वारा कार्रवाई की जाएगी।-दिनेश कुमार विश्वकर्मा, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद।
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