ललितपुर। सरकारी और निजी नौकरियों की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए राजकीय जिला पुस्तकालय एक महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां विद्यार्थी प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ वेद-उपनिषद जैसी पुस्तकों का भी अध्ययन करते हैं। हालांकि, पुस्तकालय में लंबे समय से जगह की कमी बनी हुई है।
विद्यार्थियों की अधिक संख्या के कारण कई छात्र हॉल की गैलरी में बैठकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं। पुस्तकालय की क्षमता 50 विद्यार्थियों की है, जबकि नियमित रूप से करीब 70 छात्र-छात्राएं अध्ययन के लिए आते हैं। अन्य कुछ दिन यह संख्या 90 से अधिक हो जाती है। यहां एनसीईआरटी की किताबों के माध्यम से भी अध्ययन कराया जाता है। रोजगार के अवसरों की जानकारी देने के लिए कॅरिअर काउंसिलिंग का आयोजन भी किया गया है। कई विद्यार्थी यहां से पढ़कर सरकारी नौकरियों में चयनित हो चुके हैं। पुस्तकालय की सदस्यता व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। पहले आजीवन सदस्यता के लिए 500 रुपये शुल्क लिया जाता था, अब 500 रुपये प्रतिवर्ष शुल्क देना पड़ता है।
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स्थायी सफाई कर्मचारी का अभाव
पुस्तकालय के निरीक्षण के दौरान शौचालय में गंदगी पाई गई। वहां मौजूद समन्वयक ने बताया कि पुस्तकालय में स्थायी सफाई कर्मचारी तैनात नहीं है। ऐसे में सफाई का काम रुपये देकर करवाना पड़ता है। नियमित सफाई व्यवस्था न होने से विद्यार्थियों को परेशानी होती है।
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गिरा पेड़ नहीं हटाया गया
करीब एक साल पहले बारिश के दौरान पुस्तकालय के मैदान में एक पेड़ गिर गया था। यह पेड़ तब से हटाया नहीं गया है। समन्वयक ने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को कई बार पत्राचार किया है। लेकिन अभी तक इस समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
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विद्यार्थियों की संख्या अधिक होने के चलते अध्ययन के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है। शौचालय की नियमित सफाई और परिसर में पड़े पेड़ को हटाने के लिए बैठक में अधिकारी के समक्ष बात रखी गई है।-रोशनी पाल, समन्वयक राजकीय जिला पुस्तकालय ललितपुर।