कलेक्ट्रेट सभागार में डीएम ने माह अगस्त 2017 तक की कर-करेत्तर राजस्व वसूली सहित सभी राजस्व कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान लगभग सभी विभाग राजस्व वसूली में फिसड्डी पाए गए, इनमें से संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन से स्पष्टीकरण तलब किया गया।
सर्वप्रथम अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह ने अभियोजन एवं कानून व्यवस्था से संबंधित समीक्षा की। इसके उपरांत डीएम मानवेंद्र सिंह व्यापार कर की समीक्षा करते हुए धीमी प्रगति पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने 552 आरसी का मिलान नहीं किए जाने पर 15 दिन के अंदर उन्हें अवगत कराने के निर्देश दिए। स्टांप रजिस्ट्रेशन की समीक्षा में संबंधित अधिकारी संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। जिस पर उन्होंने अगले माह तक वसूली में तेजी लाने के निर्देश संबंधित को दिए। उन्होंने माल कर और वाहन कर की समीक्षा के दौरान लक्ष्य के सापेक्ष वसूली के प्रगति बेहद धीमी पाई। यह भी शिकायत मिली कि वाहनों में ऑवरलोडिंग की जा रही है। पिछले माह की अपेक्षा इस माह वाहनों के काटे गये चालानों की संख्या कम भी पाई गई। जिस पर उन्होंने सख्त नाराजगी जाहिर करते हुए सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) से स्पष्टीकरण तलब कर लिया। उन्होंने आबकारी विभाग की लक्ष्य के सापेक्ष कम वसूली पर अगले माह तक स्थिति में सुधार लाने के निर्देश दिए। मंडी की समीक्षा करते हुए उन्होंने तालबेहट और महरौनी में लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति कम पाये जाने पर संबंधित अधिकारी को वसूली में और अधिक तेजी लाने के लिए निर्देशित किया। उन्होंने नगर पालिका परिषद, ललितपुर, महरौनी, पाली तालबेहट की राजस्व वसूली की समीक्षा के दौरान राजस्व वसूली में प्रगति लाने के कड़े निर्देश दिए। स्वकर लागू नहीं हो पाने से पालिका को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। विद्युत विभाग की लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व वसूली कम पाई गई। जिस पर डीएम ने अधिशासी अभियंता विद्युत को राजस्व वसूली में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही वन विभाग, खनिज, सिंचाई आदि की भी वसूली संतोषजनक नहीं पाई गई। इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक एके विजेता, अपर जिलाधिकारी योगेंद्र बहादुर सिंह, उप जिलाधिकारी ललितपुर महेश प्रसाद दीक्षित, उप जिलाधिकारी महरौनी धीरेंद्र प्रताप, उप जिलाधिकारी तालबेहट हरिओम शर्मा, उप जिलाधिकारी मड़ावरा पदम सिंह, उप जिलाधिकारी पाली नरेंद्र सिंह, अतिरिक्त जिला सूचना अधिकारी केबी मिश्र सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
शासन की सूचनाएं तैयार कराते रहते अफसर
जिले के अधिकतर कार्यालयों में विभागाध्यक्ष शासन की सूचनाएं तैयार कराने में ही फंसे रहते हैं। कार्यालय से बाहर नहीं निकलने के कारण राजस्व वसूली का यह हाल हो गया है।