महरौनी। विकासखंड महरौनी के गांव पड़वां में पेयजल संकट गहरा रहा है। यहां पानी की टंकी शोपीस बनकर रह गई है। आठ साल से बोरिंग नहीं होने से दिक्कत बढ़ रही है। प्राइवेट बोरिंग से होने वाली पानी की सप्लाई भी एक महीने से ठप है।
गांव में जल संस्थान द्वारा संचालित पाइप पेयजल योजना पिछले लगभग आठ साल से सुचारू नहीं है। विभाग द्वारा लगवाया गया ट्यूबवेल सूखा है। विभाग ने आज तक इसे रीबोर नहीं कराया है। जल संस्थान ने एक निजी ट्यूबवेल से पानी लेकर कामचलाऊ व्यवस्था बनाकर आपूर्ति करने की कोशिश की, लेकिन, यह आपूर्ति सुचारू रूप से नहीं चल पा रही है। गर्मियों के बाद विभाग जलापूर्ति पर कोई ध्यान नहीं देता है और बिल बनाकर कनेक्शनधारक उपभोक्ताओं को थमा दिए जाते हैं।
अब आलम यह है कि करीब एक माह से पेयजलापूर्ति ध्वस्त है, विभाग जिस निजी बोर से पानी की आपूर्ति कराता है वह किसान एक महीने से खेती में पानी लगा रहा है। इससे ग्राम में जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। ग्राम में टंकी मुहल्ला के ग्रामीण हैंडपंप के बदबूदार पानी पीने को मजबूर हैं। पूरे मोहल्ले में एक ही हैंडंपप है और इस हैंडपंप पर काफी भीड़ लगी रहती है। इस कारण मोहल्लेवासी रतजगा करके पानी भरने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों ने पाइप पेयजल योजना का गहरा बोर कराने की मांग की है, ताकि सरकारी बोरिंग हो जाने से पाइप लाइन के जरिए पेयजल योजना का लाभ सुचारु रूप से मिल सके।
गांव में पाइप पेयजल योजना लंबे समय से खराब है। सरकारी ट्यूबवेल नहीं है, बल्कि निजी बोरिंग से पानी की आपूर्ति कराई जा रही है, जो कभी- कभार ही होती है। विभाग इसके सुधार के लिए ध्यान नहीं दे रहा है। कई बार उच्च अधिकारियों से भी कहा जा चुका है।
- मंजूलता, ग्राम प्रधान पड़वां
गांव में पाइप पेयजल योजना नाममात्र के लिए चल रही है। पानी की सप्लाई सुचारू नहीं रहती है। विभाग पानी के उपभोग से संबंधित बिल भेज देता है। जबकि,गांव के अंदर टंकी का पानी पहुंचता ही नहीं है। अभी एक महीने से बिल्कुल पानी नहीं आ रहा है।
- रतिराम तिवारी, ग्राम पड़वां
पानी की हमेशा समस्या बनी रहती है। गांव के अंदर बोरिंग सफल नहीं होती। पाइप पेयजल योजना अक्सर खराब पड़ी रहती है। विभाग का ट्यूबवेल करीब आठ साल से खराब पड़ा है। गर्मियो में समस्या विकराल हो जाती है। इस समस्या का समाधान होना जरूरी है।
- राजेश रिछारिया, ग्राम पड़वां
जल संस्थान ने प्रस्ताव भेजा है। जलनिगम द्वारा बोरिग कराई जाएगी। अभी प्राइवेट बोरिंग से पानी की सप्लाई की जा रही है।
- अभिलेश कुमार, अवर अभियंता जलसंस्थान, महरौनी