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अच्छे मानसिक स्वास्थ्य के लिए नियमित दिनचर्या जरूरी

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प्रतियोगिता में स्लोगन दिखलाती छात्राएं - फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। नेहरू महाविद्यालय में रविवार को विश्व मानसिक स्वास्थ्य माह के समापन पर मानसिक स्वास्थ्य स्लोगन लेखन प्रतियोगिता एवं विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने प्रतियोगिता में बढ़-चढ़कर प्रतिभाग कर अच्छे प्रेरक स्लोगन लिखे, जो मानसिक स्वास्थ्य के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करने पर आधारित थे। वहीं, वक्ताआें ने कहा कि अच्छे मानसिक स्वास्थ्य के लिए नियमित दिनचर्या जरूरी है।
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स्लोगन प्रतियोगिता में सेजल जैन प्रथम, शिवांगी पांडे द्वितीय, कृतिका सोनी तृतीय, आकांक्षा निरंजन चतुर्थ और निखिल विश्वकर्मा पंचम स्थान पर रहे। निर्णायक मंडल में डॉ. सुधाकर उपाध्याय और डॉ. ओपी चौधरी रहे। इसके उपरांत मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता पर आयोजित विचार संगोष्ठी में प्राचार्य डॉ. अवधेश कुमार अग्रवाल ने कहा कि अपने परिवार, दोस्तों एवं समाज से जुड़े रहें, परिजनों की मदद करते रहें और जरूरत पड़ने पर मदद लेते भी रहें। खराब मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति में अपने परिजनों, शिक्षक, काउंसलर, मनोचिकित्सक या मनोवैज्ञानिक से सलाह अवश्य लेनी चाहिए। मुस्कुराएगा इंडिया काउंसलर डॉ. संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि अच्छे मानसिक स्वास्थ्य की स्थिति बनाए रखने के लिए एक स्वस्थ नियमित दिनचर्या का पालन करते रहें।
भरपूर नींद, संतुलित आहार लेते रहें। नियमित व्यायाम, ध्यान करते रहें, अपने कर्तव्य का पालन करते रहें, आत्मविश्वास बनाए रखें। कॉटन विश्वविद्यालय, गुवाहाटी (असम) के मनोविज्ञान विभाग की संस्थापक प्रमुख डॉ. डिंपी महंत वर्चुअल बताती हैं कि मानसिक स्वास्थ्य में हमारे भावात्मक मनोवैज्ञानिक और सामाजिक कल्याण शामिल है यह हमारे सोचने, महसूस करने एवं कार्य करने के तरीकों प्रभावित करता है। अच्छा मानसिक स्वास्थ्य तनाव को बेहतर तरीके से संभालने में मदद करता है। और शारीरिक बीमारियों में भी गिरावट आती है। मनमोहन मेमोरियल टीचिंग हॉस्पिटल काठमांडू, नेपाल से मनोचिकित्सक पूजन शर्मा वर्चुअल बताती है कि हमारी भावनात्मक स्थिति एक वायरस की तरह है, हम अपने आस-पास के लोगों के लिए भी सकारात्मक और नकारात्मक अनुभव फैला सकते हैं। हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ सुधाकर उपाध्याय ने कहा कि सामाजिक रूप से खुद को जुड़ा हुआ और मूल्यवान, संतुष्ट, योग्य महसूस करें। इस मौके पर मनोविज्ञान छात्रा साक्षी जैन, मनोविज्ञान छात्रा अनन्या पुरोहित,एनएसएस वालंटियर वंशिका कौशिक, एनएसएस वॉलिंटियर्स पूर्णिमा नामदेव, डॉ .ओपी चौधरी, डॉ. बलराम द्विवेदी ,डॉ राजेश तिवारी, मोहिनी साहू, शिवांगी पांडे, रोहित कुमार आदि ने भी संबोधित किया।
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