डोंगराखुर्द/ललितपुर। गौना वन रेंज क्षेत्र अंतर्गत खेतों से फसल कटते ही लकड़ी कारोबारी सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों की मदद से नदी, नाले व मेड़ पर खड़े हरे पेड़ों को धराशायी करना आरंभ कर दिया है। कुछ आरा मशीन संचालक बिना कागजात मांगे ही लकड़ी के चिरान में लगे हैं, जिससे गौना वन रेंज की हरियाली पर संकट खड़ा हो गया है।
रबी फसल की कटाई होने के साथ ही खेत खाली हो गए हैं। इससे पेड़ों का कटान व उठान आसान हो गया है। इसे देख लकड़ी कारोबारी सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने स्थानीय लोगों को अपने साथ लेकर हरे भरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाना शुरू कर दिया है। इन दिनों क्षेत्र में बड़े पैमाने पर हरे भरे पेड़ों का कटान किया जा रहा है। इस अवैध कटान में कुछ आरामशीन संचालक भी सहभागी बन रहे हैं। बिना किसी कागजात मांगे क्षेत्र से लाई जा रही लकड़ी का चिरान कर रहे हैं। इसमें गुरार, अर्जुन, नीम, आम, महुआ, जामुन, बबूल के पेड़ शामिल हैं। इससे क्षेत्र में हरे भरे पेड़-पौधों का अस्तित्व खतरे में आ गया है। गौना वन रेंज क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सक्तू गांव में आरा मशीन रात दिन लकड़ी का चिरान कर रही है। इस वजह से यहां दूर-दूर से लकड़ी चिरान के लिए लाई जा रही है, इसके आसपास लकड़ी के ढेर लगे देखे जा सकते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि इस मामले में विभागीय उदासीनता उजागर हो रही है, जिससे क्षेत्र में हरे भरे पेड़-पौधों के कटान पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
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फर्नीचर का भी चल निकला कारोबार
गौना वन रेंज में धड़ल्ले से पेड़ों का कटान होने से फर्नीचर का कारोबार भी चल निकला है। जिले में जगह-जगह लकड़ी की चौखट, पटिया, गिट्टा व सटरिंग के लिए पटिया रखे देखे जा सकते हैं।
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सक्तू गांव में पेड़ों के कटान की जानकारी नहीं है। इसकी सूचना मिली है तो कर्मचारी भेजकर वास्तविकता का पता लगाया जाएगा। इसके अलावा आरा मशीन के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
जेडी सिंह, एसडीओ वन क्षेत्र, महरौनी
गौना रेंज में धड़ल्ले से काटे जा रहे पेड़- फोटो : LALITPUR