संवाद न्यूज एजेंसी
कारीटोरन (ललितपुर)। कथा व्यास पं. बैजनाथ प्रसाद बबेले ने कहा कि भक्ति करते समय मन को एकाग्र चित रखना चाहिए, तभी कल्याण हो सकता है। उन्होंने भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव व बाललीला का वर्णन किया। वह नदनबारा में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन श्रीकृष्ण लीला की कथा का वर्णन कर रहे थे।
कथा व्यास ने कहा कि भगवान को प्रेम से याद करने वाले को वह कभी भूलते नहीं, यही वजह रही कि भगवान राम शबरी और निषाद राज के घर गए, जहां प्रेम से शबरी के झूठे बेर खाए। उन्होंने भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन करते हुए श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। यज्ञाचार्य सीताराम दास ने यज्ञ का महत्व बताते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को कुछ समय निकाल कर हवन अवश्य करना चाहिए। इस मौके पर मुख्य यजमान रामकंकन यादव, विश्वनाथ पाठक, सुजीत पाठक, जितेंद्र चौबे, राजकुमार तिवारी, मनोज चौबे, रामसहाय कौशिक, उदय दुबे आदि मौजूद रहे।