ललितपुर (ब्यूरो)। जिला विद्यालय निरीक्षक ने राजकीय इंटर कालेज के जीव विज्ञान प्रवक्ता के अधिकारों पर अंकुश लगा दिया है।
उन्होंने न केवल जीव विज्ञान विषय की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन पर अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी है, बल्कि प्रयोगात्मक परीक्षा के अंकों का आवंटन नहीं करने के भी निर्देश जारी किए हैं। इससे प्रधानाचार्य को करारा झटका लगा है।
भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन और बुंदेलखंड छात्र सेना ने प्रैक्टीकल में अवैध उगाही का आरोप लगाते हुए प्रधानाचार्य के खिलाफ आंदोलन किया था। जिला विद्यालय निरीक्षक श्याम प्रकाश यादव ने प्राप्त शिकायतों के मद्देनजर त्रिस्तरीय जांच बैठा दी थी।
इस जांच के दायरे में कक्षा 11 के रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान व जीव विज्ञान विषय को लिया है। वहीं, जीव विज्ञान विषय की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच पर भी अग्रिम आदेशों तक रोक लगा दी गई है। इसके अलावा जीव विज्ञान प्रयोगात्मक परीक्षा के अंकों का आवंटन नहीं करने के निर्देेश जारी किए हैं।
प्रधानाचार्य को लिखे पत्र में कहा गया कि उत्तर पुस्तिकाओं की जांच के लिए पृथक से मूल्यांकन निरीक्षक नियुक्त किया जाएगा। बता दें कि वर्तमान में स्थायी प्रधानाचार्य के अभाव में जीव विज्ञान प्रवक्ता आलोक प्रकाश सिंह के पास प्रधानाचार्य का अतिरिक्त प्रभार है।
यह है जांच समिति
राजकीय हाईस्कूल दूधई के प्रधानाचार्य श्रीराम समाधिया, राजकीय हाईस्कूल पठा के प्रधानाचार्य शहीद खां मंसूरी और राजकीय हाईस्कूल वस्त्रावन की प्रधानाध्यापिका तारावती दोहरे को जांच अधिकारी बनाए गए हैं। जो प्रैक्टीकल में अवैध उगाही के आरोपों की जांच कर रही है।
ज्वाइन हो सकते स्थायी प्रधानाचार्य
आने वाले दिनों में राजकीय इंटर कालेज ललितपुर को स्थाई प्रधानाचार्य मिलने की संभावना है। इस पद पर खंड शिक्षा अधिकारी झांसी सीपी वर्मा का नाम चल रहा है। हालांकि, उनका अभी विभागीय आदेश जारी नहीं हुआ है।