ललितपुर। राजकीय इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य पद का झगड़ा राजनीतिक रंग लेता जा रहा है। बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर जीव विज्ञान प्रवक्ता को दोबारा प्रधानाचार्य का प्रभार देने की मांग की है।
राजकीय इंटर कॉलेज के वर्तमान एवं तत्कालीन प्रधानाचार्य का विवाद सुलझता दिखाई नहीं दे रहा है। दोनों के झगड़े में पेशबंदी शुरू हो गई है। एक-दूसरे को साफ-सुथरा दिखाने में छात्रों को भी झोंक दिया गया है। वहीं, बसपा भी इस लड़ाई में कूद गई है। बसपा जिलाध्यक्ष जानकी प्रसाद अहिरवार ने डीएम को दिए ज्ञापन में आरोप लगाया कि जीव विज्ञान के प्रवक्ता आलोक प्रकाश सिंह अनुसूचित जाति के हैं। जिसकारण उन्हें परेशान किया जा रहा है। जिसका ताजा उदाहरण उनसे कक्षा ग्यारह की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन नहीं कराना है। इस मामले की शिकायत अनुसूचित जाति, जन जाति आयोग में की गई थी। जिला विद्यालय निरीक्षक इसकी जांच भी नहीं करा सके हैं। उन्होंने विभागीय अफसर पर इस मामले में संलिप्त होने का आरोप लगाया है। उधर, कॉलेज के छात्रों ने एसडीएम सदर को शिकायती पत्र देकर जीव विज्ञान के प्रवक्ता से कक्षा ग्यारह की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन कराने की मांग की है।
उन्होंने दूसरे अध्यापक से कापियों का मूल्यांकन कराने को नियम विपरीत बताया है। शिकायती पत्र पर दीपक, साहिल मंसूरील, चंचल गौतम, अभिषेक यादव, उवेश खान, सचिन राजपूत, विजय झा, निखिल झा, उत्कर्ष, नीतेश वाजपेई, धीरज सेन, आशीष कुमार, अनिकेत आदि के हस्ताक्षर बने हैं। उधर, प्रधानाचार्य राजेंद्र त्रिपाठी का कहना है कि उत्तर पुस्तिकाओं का केंद्रीय मूल्यांकन कराया गया है। जिसकी वीडियो एवं फोटोग्राफी कराई गई है जबकि प्रवक्ता आलोक प्रकाश सिंह घर ले जाकर कापियों का मूल्यांकन करना चाहते थे। बार-बार आदेश निकालने के बाद उसका पालन नहीं करने पर अन्य योग्य व्यक्ति से कापियों का मूल्यांकन कराया गया जो गोपनीय है। उन्होंने लगे सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया हैं।