गैस लीकेज से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा एक वर्ष पूर्व जारी किया हेल्पलाइन नंबर 1906 प्रचार-प्रसार के अभाव में कम उपयोग किया जा रहा है। लोगों को इस विषय में जानकारी कम होने के कारण एक साल के दौरान शहर से हेल्पलाइन पर सिर्फ दो-तीन शिकायत ही दर्ज कराई जा सकी है। इसके अंतर्गत हेल्पलाइन पर कॉल करने के बाद एक कर्मचारी द्वारा घर आकर लीकेज को दुरुस्त करने की व्यवस्था की गई थी।
कैसे करता है काम
1906 पर कॉल करते ही ग्राहक को अपना पता और डिस्ट्रीब्यूटर का नाम बताना होता है। इसके बाद कॉल सेंटर से ग्राहक को शिकायत नंबर दिया जाता है और डिस्ट्रीब्यूटर को मेसेज भेजा जाता है। इसके बाद डिस्ट्रीब्यूटर अपने मैकेनिक को ग्राहक के पते पर लीकेज ठीक करने के लिए भेजता है। इसके लिए कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की गई है। लेकिन न्यूनतम समय में पहुंचना अनिवार्य है। लीकेज ठीक होने के बाद डिस्ट्रीब्यूटर कॉल सेंटर में समस्या का निस्तारण होने की जानकारी देेगा। कॉल सेंटर से ग्राहक को कॉल करके समस्या का निस्तारण होने की जानकारी ली जाएगी।
एजेंसी में काल करते है लोग
पिछले एक साल में सिर्फ दो शिकायतें ही इस नंबर से आई हैं। जिनका तत्काल निराकरण किया गया है। अधिकतर लोग सीधे एजेंसी में ही कॉल करके बता देते हैं। इस कारण इस नंबर का कम उपयोग कर रहे हैं।
विशाल भटनागर, मैनेजर, आदि गैस सर्विस
तुरंत होगा समस्या निस्तारण
लीकेज की समस्या होने पर तत्काल 1906 नंबर पर कॉल करके बताया जा सकता है। प्रक्रिया पूर्णत: नि:शुल्क है। केंद्रीयकृत कॉलसेंटर होने के कारण लीकेज की समस्या का तुरंत निस्तारण किया जाता है।
डीएस राम, जिला पूर्ति अधिकारी