ललितपुर। जिले में भगवान गणेश के आगमन की तैयारियां जोरों पर हैं। मूर्तिकार दिन-रात मूर्तियां बनाने में लगे हैं। नगर में लगभग 84 स्थानों पर गणपति बप्पा विराजमान होंगे। शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में भी घर-घर गणेश जी का आगमन होगा। नगर के कटरा बाजार में मुंबई के लाल बाग के राजा की तर्ज पर हर वर्ष गणपति बप्पा धूमधाम से स्थापित किए जाते हैं। आयोजक मंडल ने बताया कि लगभग 41 वर्ष पहले शुरू हुई यह परंपरा आज भी जारी है। पूरे जिले से श्रद्धालु कटरा बाजार के गणपति बप्पा के दर्शन करने आते हैं। मान्यता है कि गणेश जी के दर्शन से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
वर्ष 1986 में कटरा बाजार के रामस्वरूप दाऊ मुंबई में गणेश महोत्सव देखकर प्रभावित हुए थे। उन्होंने अपने साथी पुत्तन सोनी, चंद्रभान और मथुरा प्रसाद सोनी से कटरा बाजार में भी गणेश मूर्ति स्थापित करने की इच्छा जताई। उस समय क्षेत्र में गणेश मूर्तियां नहीं बनती थीं, तो ज्वैलर्स और पहलवान राम सोनी मूर्ति बनाने को तैयार हुए। उन्होंने पहली आकर्षक और विशालकाय मिट्टी की गणेश मूर्ति बनाई, जो आकर्षण का केंद्र बनी। बाद के वर्षों में राम पहलवान ने चारा और घास का उपयोग कर मूर्तियां बनाईं।
उत्सव के संरक्षक और सदस्य
कटरा बाजार में गणेश उत्सव की तैयारियों में कई संरक्षक और सदस्य सक्रिय हैं। इनमें मंजू सोनी, देवेंद्रे सोनी, गिरीश पाठक सोनू, राम पहलवान, लक्ष्मीनारायण सोनी, राजू सोनी, नवल किशोर सोनी, श्रीकांत करौलिया और वीरू सोनी शामिल हैं। ये सभी पदाधिकारी उत्साहपूर्वक तैयारियों में जुटे हुए हैं। इनकी मेहनत से यह कार्यक्रम हर वर्ष सफल होता है।
चार वर्षों से कटरा बाजार में मुंबई के लाल बाग की तर्ज पर गणेश मूर्ति स्थापित हो रही है। इस बार की गणेश मूर्ति मुंबई से तीन दिन पहले मंगाई गई है। गणेश जी की भव्यता के लिए चांदी का मुकुट, आशीर्वाद देते हुए चांदी का हाथ का पंजा, चांदी के कड़े और चांदी के पैर तैयार कराए गए हैं। ये आभूषण गणेश मूर्ति के अंगों में पहनाए जाएंगे। गणेश झांकी पर प्रतिदिन रात्रि में 10 से 15 लोगों का दल रुकता है। सुबह और शाम को श्रीगणेश पंडाल में भव्य पूजन और महाआरती होती है।
मज्जू सोनी, अध्यक्ष, सराफा व्यापार संगठन
डोल ग्यारस पर विमानों की महाआरती
डोल ग्यारस पर शहर के सभी मंदिरों के विमान सुम्मेरा तालाब पर पहुंचते हैं। वहां विमानों में विराजमान भगवान बांके बिहारी जी का गंगाजल से विहार कराया जाता है। लौटते समय ये विमान कटरा बाजार की गणेश झांकी में लाए जाते हैं। यहां भगवान गणेश की आरती के साथ ही बांके बिहारी का भव्य पूजन और महाआरती होती है। इस आरती को देखने के लिए भारी संख्या में भीड़ उमड़ती है। पहले विमान गणेश झांकी नहीं जाते थे, लेकिन गणेश महोत्सव समिति के आग्रह पर यह परंपरा बनी।