ललितपुर। अतिक्रमण हटाने को लेकर दिए गए नोटिस के विरोध में गल्ला व्यापारियों ने दुकानें बंद कर मंडी के गेट पर धरना- प्रदर्शन किया। जबकि, गल्ला मंडी प्रशासन अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को निदेशालय की कार्रवाई बता रहा है।
गल्ला मंडी में साढ़े चार सौ व्यापारी कारोबार करते हैं। इसमें से तीन सौ पक्की दुकानें लिए हैं, जबकि 128 व्यापारियों को कारोबार करने के लिए खाली भूखंड आवंटित किए गए थे। यहां पर कई वर्षों से व्यापारी अपना कारोबार कर रहे हैं।
पिछले दिनों मंडी निदेशालय ने गल्ला मंडी से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। इस पर मंडी प्रशासन ने अस्थायी भूखंडों पर अस्थायी निर्माण कर कारोबार कर रहे 128 व्यापारियों को अतिक्रमण हटाने का नोटिस दिया। लेकिन, व्यापारियों ने ध्यान नहीं दिया। इस पर मंडी प्रशासन ने तीन दिन में अतिक्रमण हटाने का एक और नोटिस दिया इसमें एफआईआर कराने की चेतावनी भी दी गई। इसे लेकर व्यापारियों ने मंडी निदेशक के नाम ज्ञापन दिया और गल्ला व्यापार मंडल ने शुक्रवार को दुकानें बंद कर धरना- प्रदर्शन कर कारोबार बंद कर दिया।
व्यापारियों ने बताया कि अमरपुर मस्थित विशिष्ट गल्ला मंडी में दुकानें कम हैं, पास में ही अवैध शराब का कारोबार होता है। ऐसे में व्यापारी वहां पर कैसे व्यापार कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि भूखंड स्वामी व्यापारी मंडी का शुल्क व आयकर भी दे रहे हैं। इसके बाद भी व्यापार करने से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने व्यापारियों का उत्पीड़न रोकने की मांग की है।
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मंडी की है दो करोड़ रुपये मासिक आय
गल्ला मंडी में आवक होने से मंडी शुल्क में प्रतिमाह लगभग दो करोड़ रुपये की आय होती है। शुक्रवार को मंडी में दुकानें बंद होने से लगभग 70 से 80 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। वर्तमान में गल्ला मंडी में गेहूं, उड़द व अन्य उपज बिक्री के लिए आ रहीं हैं।
अस्थाई भूखंड व्यापारियों का अतिक्रमण न माना जाए। पक्की दुकानें व अस्थाई भूखंड स्वामियों के लिए समान शर्तें हैं, लेकिन मंडी प्रशासन द्वारा नियमों के विपरीत कार्य किए जा रहे हैं।
- अशोक अनौरा, अध्यक्ष गल्ला व्यापार मंडल
अतिक्रमण के मामले में सभी व्यापारी एकजुट हैं। किसी का भी अहित व उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। मंडी द्वारा जगह आवंटन के बावजूद मनमानी की जा रही है।
- संतोष साहू, उपाध्यक्ष
जिन व्यापारियों को अतिक्रमण में लिया जा रहा है, उन व्यापारियों में दो फाड़कर विशिष्ट मंडी में स्थानांतरित करना चाहते हैं। जहां पर दुकान की राशि व मासिक किराया अधिक है।
- नितिन अग्रवाल, महामंत्री
सरकार रोजगार तो मुहैया करा नहीं पा रही है। इसके बाद भी मंडी प्रशासन रोजगार छीन रहा है। अमरपुर में कम व छोटी दुकानें हैं, व्यापार नहीं हो सकेगा।
- संजीव जैन, मंत्री
गल्ला मंडी में अस्थाई भूखंड को अवैध निर्माण घोषित करना गलत है। व्यापारियों में फूट डालकर हटाने की साजिश की जा रही है।
- लालचंद्र जैन, संयोजक
व्यापार करने के लिए भूखंड आवंटित किए गए थे, जहां पर व्यापारियों की सुविधा के लिए टिनशेड लगाने के आदेश मिले थे। अब उसे अतिक्रमण घोषित किया गया है। मांगें पूरी नहीं होने तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा।
- प्रसन्न जैन, कोषाध्यक्ष
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शासन व मंडी निदेशालय के निर्देशों का पालन किया जा रहा है। हम अपनी ओर से कुछ नहीं कर रहे हैं।
- संजय कुमार, मंडी सचिव