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सचिव और आढ़तियों की बैठक बेनतीजा, नहीं खुली गल्ला मंडी

Thu, 08 Dec 2016 12:06 AM IST
lalitpur
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गल्‍लाा मंडी - फोटो : demo pic
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गल्ला मंडी में पक्के आढ़तियां व कच्चे आढ़तियों में जिंस की खरीद में भुगतान प्रणाली पर आपसी असहमति के चलते गल्ला मंडी करीब एक माह से बंद चल रही है। बुधवार को मंडी सचिव द्वारा बुलाई कच्चे आढ़तियां व पक्के आढ़तियों की बैठक भी बेनतीजा रही। जिंस खरीद भुगतान में कच्चे आढ़तियों का कमीशन सवा प्रतिशत से एक प्रतिशत किए जाने से कच्चे आढ़तियां गल्ला व्यापारी नाराज हैं। वहीं, अब पक्के आढ़तियों ने बिल भुगतान पर अब कानूनी राय लेने का निर्णय लिया है। कच्चे आढ़तियां व पक्के आढ़तियों के पदाधिकारियों की बैठक बृहस्पतिवार को फिर मंडी परिसर में बुलाई गई है।
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गल्ला मंडी में रोजाना करीब 10 हजार से 12 हजार क्विंटल जिंस का व्यापार होता है। जबकि फसल आने पर सीजन में गल्ला व्यापार 18 से 20 हजार क्विंटल या फिर कई बार इससे भी कहीं अधिक तक पहुंच जाता है। गल्ला मंडी में कच्चे आढ़तियां किसानों से सीधे जिंस लेकर पक्के आढ़तियों को बोली के अनुसार सवा प्रतिशत कमीशन पर व्यापार करते हैं। कच्चे आढ़तियों और पक्के आढ़तियों द्वारा व्यापारियों की समस्या के निवारण के लिए संगठन भी बनाया गया है। गत दिनों नोटबंदी के बाद व्यापारिक जिंस बिलों के भुगतान में कानूनी नियमों से सुरक्षा के लिए पक्के आढ़तियों द्वारा कच्चे आढ़तियों से टैक्स पेड बिल देने, चेक से भुगतान करने और सवा प्रतिशत की जगह एक प्रतिशत कमीशन पर व्यापार करने की शर्तें रख दीं, जिसे लेकर कच्चे आढ़तियों मेें इन शर्तों पर व्यापार करने में असमर्थता जताई गई और निर्णय लिया गया कि पुराने सिस्टम के तहत ही काम करेंगे। इसे लेकर कच्चे आढ़तियों व पक्के आढ़तियों की गल्ला मंडी में कई दौर की अलग-अलग बैठकें आयोजित की गईं।

लेकिन गल्ला व्यापार को जिंस भुगतान प्रणाली में आपसी सहमति नहीं बन सकी। सोमवार को कच्चे आढ़तियों की बैठक में भी पक्के आढ़तियों शर्तों पर सहमति नहीं बन पाई थी, जिसके बाद मंडी सचिव ने कच्चे आढ़तियों व पक्के आढ़तियों की संयुक्त बैठक मंडी समिति कार्यालय में बुलाई थी। बुधवार को बुलाई बैठक में दोनों व्यापारी पक्षों द्वारा अपना-अपना पक्ष रखा गया। कच्चे आढ़तियों ने किसानों को भुगतान करने में आ रही समस्याओं को सबके सामने रखा। कच्चे आढ़तियां संघ के अध्यक्ष संतोष कुमार चौबे व अन्य पदाधिकारियों व व्यापारियों ने कहा वह पक्के आढ़तियों द्वारा जिंस खरीद का सेम डे चेक देने पर व्यापार करने को तैयार हैं। साथ ही कहा कि वह सवा प्रतिशत कमीशन पर ही व्यापार करेंगे, एक प्रतिशत कमीशन किया जाना उन्हें मंजूर नहीं है। वहीं पक्के आढ़तियों ने अपना पक्ष रखते हुए कानूनी नियमों के तहत व्यापार की पारदर्शिता के लिए वह कच्चे आढ़तियों से टैक्स पेड बिल पर ही कमीशन का व्यापार करेंगे। मंडी समिति कार्यालय के सभागार में आयोजित बैठक में मंडी सचिव ने भी दोनों पक्षों को आपसी सहमति से व्यापार शीघ्र शुरू करने की राय दी। लेकिन दो घंटे से अधिक चली यह बैठक बेनतीजा रही। अब कच्चे आढ़तियों और पक्के आढ़तियों संघ के पदाधिकारियों द्वारा बृहस्पतिवार को मंडी परिसर में फिर से बैठक बुलाई गई है। वहीं पक्के आढ़तियों ने आपसी विचार विमर्श कर जिंस खरीद भुगतान में अधिवक्ताओं से कानूनी राय लेने का निर्णय लिया है।
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बुधवार को बैठक में फिलहाल कोई नतीजा नहीं निकल सका है, लेकिन जिंस खरीद भुगतान प्रणाली में कानूनी राय ली जाएगी, इसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।
अशोक अनौरा, गल्ला व्यापार मंडल, ललितपुर।

कच्चे आढ़तियां मंडी खोलने को तैयार हैं, लेकिन वह एक प्रतिशत नहीं बल्कि पूर्व के तहत सवा प्रतिशत कमीशन पर ही व्यापार करेंगे। पक्के आढ़तियों की बाकी शर्तों पर वह आपसी सहमति से व्यापार पर निर्णय लेंगे।
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संतोष चौबे, कच्चा आढ़तिया व्यापार संघ।
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