विद्युत विभाग द्वारा नगर में विद्युत ढांचे में सुधार के लिए लगाए गए कैपेसिटर बैंकों का पैनल चार्ज नहीं होने के चलते किसी काम का नहीं है। विभाग द्वारा उक्त कैपेसिटर बैंक सिस्टम लगाने में लाखों रुपये खर्च किए हैं, साथ ही विद्युत आपूर्ति भी घंटों तक प्रभावित रही, लेकिन विद्युत व्यवस्था में सुधार में इनकी वर्तमान में कोई उपयोगिता नहीं है।
विद्युत विभाग द्वारा नगर को गल्ला मंडी स्थित 66 केवी, नझाई बाजार व बाईपास स्थित 33 केवी विद्युत सब स्टेशनों के माध्यम से विद्युत आपूर्ति की जाती है। हालांकि अब बाईपास सब स्टेशन से शहर के फीडर नंबर दो को नझाई बाजार सब स्टेशन में शिफ्ट कर दिया गया है। गर्मियों के मौसम में ओवरलोड की स्थिति बनने के कारण सब स्टेेशनों पर 11 हजार केवी वोल्ट की उपलब्धता नहीं हो पाती है। इसके चलते ओसीबी मशीनों से शहर को नौ से 10 हजार केवी वोल्टेज की ही विद्युत आपूर्ति हो पाती है।
ऐसे में उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन द्वारा नगर की विद्युत आपूर्ति पर्याप्त वोल्टेज के साथ शहरवासियों को उपलब्ध कराने के लिए तीनों विद्युत सब स्टेशनों पर लाखों की लागत से कैपेसिटर बैंकों के पैनल का ढांचा तैयार किया गया। इसके तहत हर सब स्टेशन पर चार कैपेसिटर स्विच, एक आरवाईटी वोल्टेज ट्रांसफार्मर, 12 कैपेसिटर सेल व 12 रियेक्टर हर पैनल में लगाए गए। इसके साथ ही 11 केवी वोल्टेज केबल से जोड़कर इंडीकेटर व मीटर युक्त वीसीबी मशीनों का पैनल भी स्थापित किया गया है। हर सब स्टेशन पर करीब 16 लाख रुपये का पैनल लगाया गया है। यह पैनल कार्पोरेशन द्वारा आरपीडीआरपी योजना के तहत पावर टेक कंपनी द्वारा स्थापित किए गए हैं। कंपनी द्वारा उक्त पैनल के भुगतान की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। इसके लिए खंडीय कार्यालय द्वारा उपखंडीय कार्यालय से रिपोर्ट तक मांग ली गई है। उपखंडीय कार्यालय द्वारा रिपोर्ट लगने के बाद कंपनी को उक्त कार्य का भुगतान एमडी कार्यालय आगरा से हो जाएगा। यह कैपेसिट बैंकों के पैनल अब तक चार्ज तक नहीं किए जा सके हैं। जबकि कंपनी द्वारा यह पैनल करीब एक वर्ष पूर्व ही स्थापित कर दिए गए थे, लेकिन वर्तमान में यह एक ढांचा मात्र बनकर खड़े हुए हैं, जिनकी कोई उपयोगिता नहीं हो पा रही है।
कैपेसिटर बैंक के पैनल चार्ज करने के लिए कंपनी के इंजीनियर को बुलाया गया है। जब तक कंपनी द्वारा पैनल सुचारु तरीके से चार्ज व कार्यप्रणाली नहीं जांच ली जाती है, तब तक उक्त कार्य का भुगतान के लिए संस्तुति नहीं की जाएगी।
- अखिलेश कुमार वर्मा, उपखंड अधिकारी प्रथम विद्युत।