ललितपुर। विकासखंड मड़ावरा अंतर्गत ग्राम पंचायत पारौल में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में धांधली के आरोप में ग्राम रोजगार सेवक पर प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज कराई गई है। इससे मनरेगा कर्मियों में खलबली मच गई है।
ग्राम पंचायत पारौल निवासी जगत सिंह पुत्र रघुवर सिंह सहित पांच लाभार्थियों ने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत निर्मित आवासों की मजदूरी ग्राम रोजगार सेवक द्वारा गांव के ही अनाधिकृत व्यक्तियों के खाते में डालने के संबंध में 4 जनवरी 2020 को मुख्य विकास अधिकारी के सामने शिकायत की गई थी। जिस पर उन्होंने उक्त प्रकरण की जांच खंड विकास अधिकारी मड़ावरा से कराई। जांच के बाद पाया गया कि सुंदर लाल ग्राम रोजगार सेवक द्वारा गांव के ही कुछ अनाधिकृत व्यक्तियों एवं अपनी पत्नी के खाते में आवासों की मजदूरी अंश की धनराशि डाली गई है, जो मनरेगा एक्ट के विपरीत है। मनरेगा के कार्यों की डिमांड लगाने का कार्य ग्राम रोजगार सेवक द्वारा ही किया जाता है। ग्राम रोजगार सेवक द्वारा अंगत पुत्र थोवन के आवास की धनराशि स्वयं की पत्नी कुंवरबाई के खाते में डाली गई, जो कि मनरेगा अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है। पत्नी के खाते में डाली गई धनराशि ग्राम रोजगार सेवक ने लाभार्थी को वापस कर अपनी गलती को स्वीकार किया है, अन्य लाभार्थियों की धनराशि भी उनके द्वारा अनाधिकृत व्यक्तियों के खातों में डाली गई है, जो गलत है। उक्त प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए मुख्य विकास अधिकारी अनिल कुमार पांडेय द्वारा प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने के निर्देशों के क्रम में आलोक कुमार दुबे ग्राम पंचायत अधिकारी पारौल द्वारा सुंदर लाल ग्राम रोजगार सेवक पारौल के विरुद्ध 29 जनवरी को थाना नाराहट में प्रथम सूचना रिपोर्ट कई धाराओं में दर्ज करा दी गई है।